होरमुज़ स्ट्रेट पर ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी: हमला हुआ तो जवाब ज़रूर मिलेगा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि होर्मुज़ स्ट्रेट का संचा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि होर्मुज़ स्ट्रेट का संचालन धमकियों से नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साफ़ कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो उसे इसका जवाब भी मिलेगा।
यह चेतावनी अमेरिकी सेना द्वारा लगातार दूसरे दिन बुधवार को ईरान पर किए गए हमलों के बाद आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का मकसद होर्मुज़ स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करना है। कमांड ने 'एक्स' पर लिखा, "अमेरिका... वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल के खिलाफ हालिया अनुचित आक्रामक कार्रवाई के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है।"
संसद अध्यक्ष का कड़ा रुख
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका को संबोधित करते हुए लिखा, "अमेरिका को अब तक यह समझ लेना चाहिए था कि धमकाने और अपने वादे तोड़ने की कीमत अब बिना चुकाए नहीं बची जा सकती।" उन्होंने आगे कहा, "साफ शब्दों में कहूं तो अगर आप हमला करेंगे तो जवाब भी मिलेगा। बेवजह हाथ-पैर मत मारिए, वरना आप और ज़्यादा मुश्किल में फंसेंगे।"
ट्रंप का बयान और सैन्य गश्त
इसी बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए हालिया सैन्य हमलों का बचाव किया है। उन्होंने तेहरान पर खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मांगे गए अस्थायी संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और संकेत दिया कि कूटनीतिक प्रक्रिया लगभग खत्म हो चुकी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी बताया कि बुधवार को नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत पूरे मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, जो इस क्षेत्र में बढ़े हुए सैन्य तनाव को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



