बातचीत से पहले अमेरिका माने ये शर्तें, वरना निर्णायक युद्ध को तैयार: ईरान के सुरक्षा अधिकारी
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत फिर से शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं। ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि अगर वॉशिंगटन अपने ही पैदा किए मुश्किल हालात से…
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत फिर से शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं। ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि अगर वॉशिंगटन अपने ही पैदा किए मुश्किल हालात से निकलना चाहता है, तो उसके पास इन शर्तों को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि तेहरान का संदेश साफ है और अमेरिका को ईरान के अधिकारों का सम्मान करना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा और ईरान एक "निर्णायक युद्ध" के लिए तैयार है।
बातचीत के लिए मध्यस्थता
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेजाई ने शनिवार को विदेशी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि युद्ध खत्म करने के मकसद से दोबारा बातचीत शुरू करने की शर्तें मध्यस्थों तक पहुंचा दी गई हैं। उन्होंने कहा, "कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है और हमने दोबारा वार्ता शुरू करने के लिए अपनी शर्तें उन्हें बता दी हैं।"
रेजाई ने बताया कि कतर के मध्यस्थ के जरिए ये शर्तें एक बार फिर वॉशिंगटन को भेजी गई हैं और अब राष्ट्रपति ट्रंप के जवाब का इंतजार है। इन शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना और समुद्री नाकेबंदी को हटाना शामिल है।
अमेरिका पर ईरान का आरोप
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का आकलन और उनकी गणना गलत थी। उन्होंने आरोप लगाया, "यह युद्ध नेतन्याहू ने शुरू करवाया। युद्ध खत्म करने के लिए हमारी शर्तें मानना वॉशिंगटन के हित में है।" अल जजीरा के हवाले से मेहर एजेंसी ने बताया कि रेजाई ने दावा किया कि उन्हें अमेरिकी सेना की कमजोरियों की जानकारी है और अब वे हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए पहले से बेहतर तरीके से तैयार हैं।
इनपुट: IANS



