शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अहमदाबाद में रेलवे का नया कमांड सेंटर: 24,500 वर्ग फुट में फैली तकनीक से बदलेगा ट्रेन संचालन

भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर शुरू किया है, जो उत्तर गुजरात क्षेत्र में

अहमदाबाद में रेलवे का नया कमांड सेंटर: 24,500 वर्ग फुट में फैली तकनीक से बदलेगा ट्रेन संचालन
(फोटो: IANS)

भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर शुरू किया है, जो उत्तर गुजरात क्षेत्र में रेल संचालन का केंद्रीय तंत्र बनेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने इस नए केंद्र का उद्घाटन किया, जिसके बाद यह पूरी तरह से काम करने लगा है।

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लगभग 24,500 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैले इस परिसर को बनाने का मुख्य उद्देश्य रेल परिचालन से जुड़े विभिन्न विभागों को एक ही छत के नीचे लाना है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस एकीकरण से परिचालन दक्षता, ट्रेनों की समयबद्धता और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।

एक ही जगह से होगी हर गतिविधि की निगरानी

इस केंद्र में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। करीब 1,350 रूट किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर नजर रखने के लिए एक हाई-रिज़ॉल्यूशन वीडियो डिस्प्ले यूनिट (वीडीयू) वॉल लगाई गई है। उद्घाटन के अवसर पर डीआरएम वेद प्रकाश ने कहा, "यह इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।"

इस केंद्र से फ्रेट और कोचिंग कंट्रोल, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन, क्रू प्रबंधन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कंट्रोल रूम, और आपदा प्रबंधन सेल जैसी कई महत्वपूर्ण इकाइयां एक साथ काम करेंगी।

यात्रियों और मालगाड़ियों दोनों को फायदा

इस एकीकृत नियंत्रण प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन चलने वाली 130 से अधिक यात्री ट्रेनों और 160 से ज्यादा मालगाड़ियों के संचालन पर समन्वित रूप से नजर रखी जाएगी। इससे न केवल ट्रेनों के समय पर चलने में मदद मिलेगी, बल्कि परिचालन संबंधी फैसले भी तेजी से लिए जा सकेंगे। यह केंद्र यात्रियों के लिए 'रेल मदद' शिकायत निवारण प्रणाली और नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) से भी जुड़ा रहेगा, ताकि उन्हें ट्रेनों की सटीक और अद्यतन जानकारी मिल सके।

डीआरएम ने यह भी बताया कि केंद्र के जरिए ट्रेनों की रियल-टाइम निगरानी के साथ-साथ स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। 24 घंटे चलने वाले इस परिसर में कर्मचारियों के लिए आधुनिक कार्यक्षेत्र, विश्राम कक्ष और अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं।

इनपुट: IANS

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