सब्सिडी खत्म करने की योजना पर हुआ ऐसे विरोध ।
हर महीने घरेलू गैस के दाम में चार रूपये की वृद्धि कर इस पर दी जाने वाली सब्सिडी को धीरे धीरे समाप्त करने के सरकार के फैसले पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में…
हर महीने घरेलू गैस के दाम में चार रूपये की वृद्धि कर इस पर दी जाने वाली सब्सिडी को धीरे धीरे समाप्त करने के सरकार के फैसले पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त विरोध किया। विपक्षी दलों ने सरकार से इस फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। कांग्रेस दलों ने सरकार के कोई जवाब न मिलने पर लोकसभा से वाकआउट किया जबकि राज्य सभा की बैठक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार के कल किये गए एलान से आम आदमी बुरी तरह प्रभावित होने वाला है। सरकार ने साफ़ कर दिया कि मार्च 2018 से वह एलपीजी सिलिंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने जा रही है। इससे आम जनता पर खासतौर पर महिलायें बुरी तरह प्रभावित होंगी।
वेणुगोपाल ने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में इतनी गिरावट आ रही है तो आम आदमी पर बोझ डालने के पीछे सरकार के पास क्या स्पष्टीकरण है। राज्य सभा कि कार्यवाही शुरू होने तथा जरूरी दस्तावेज पटल पर रखे जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ. ब्रयान ने यह मामला उठाते हुए कहा कि पूरी दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों का मूल्य बढ़ाया जा रहा है। सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। बाद में सदस्यों के सदन के बीच में आकर नारेबाजी करने पर सदन कि कार्यवाही साढ़े ग्यारह बजे के पहले दस मिनट के लिए और इसके बाद 11 बजकर 45 मिनट पर 12 बजे तक के लिए स्थागित कर दी गई है।
गौरतलब है कि कल लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हर महीने घरेलू गैस के दाम में होने वाली वृद्धि को दो रूपये से दोगुना करके चार रूपये कर दिया गया है ताकि सब्सिडी को जीरो पर लाया जा सके। प्रधान ने यह जानकारी दी कि सरकार ने यह आदेश 30 मई 2017 को ही पास कर दिया था।



