देशभर में जहाँ एक तरफ सोमवार को अहिंसा दिवस मनाया गया तो वहीं देश का एक ऐसा राज्य है, जहाँ के किसानों ने अपनी मांग को पूरा कराने के लिए गांधी जी का रास्ता अपनाया। लेकिन अब यहाँ ये सवाल खड़ा होता है कि क्या ये किसान गांधीगिरी के रास्ते पर चलकर सरकार को झुकने पर मजबूर कर पाएंगे या इनके हौसले टूट जाएगे। आइये खबर पर नजर डालते हैं……
आपको बता दें कि राजस्थान के जयपुर के नींदड़ गांव के किसानों का भूमि अवाप्ति के विरोध में सत्याग्रह समाधि सोमवार से जारी है, ऐसे में ये किसान मंगलवार को भी जमीन के अंदर गड़े हुए हैं।
आंदोलन में महिलाएं भी शामिल….
आपको बता दें कि किसानों के इस आंदोलन में महिलाएँ भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हुई नजर आई। जी हाँ, महिलाएं भी जमीन खोदकर उसमें बैठी हुई हैं।
प्रदर्शन जारी रहेगा…..
आंदोलन कर रहे किसानों का साफ कहना है कि वो तब तक आंदोलन को स्थगित नहीं करेंगे जब तक सरकार उनकी मांगों नहीं मांगती है। अब देखना ये होगा कि किसानों का ये सत्याग्रह किस मोड़ पर खत्म होता है?
सरकार रोजी-रोटी छीन रही है…..
आपको बता दें कि सत्याग्रह की अगुवाई करने वाले संघर्ष समिति के संयोजक नगेन्द्र सिंह का कहना है कि सरकार और जेडीए ने उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया छीनने की ठान ली है, जिसके लिए वो सीएम तक शिकायत करने पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी, जिसके बाद से अब वे सत्याग्रह पर उतर आयें है। दरअसल, किसानों की जमीन हर साल सरकार किसी न किसी सरकारी योजना के तहत उनसे छीन लेती है, जिसकी वजह से उनकी रोजी रोटी पर खतरा मंडराने लगता है।















