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टॉप 10 अमीरों की सूची में आया नाम, कभी पुलिस ने मार-मारकर सूजा दिया था!

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हम बात कर रहे हैं बाबा रामदेव के सबसे करीबी और पतंजली के एमडी बालाकृष्ण की। आपको याद होगा 4 जून 2011 की रात जब काले धन को लेकर 1 लाख समर्थकों के साथ रामलीला मैदान में बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण कई दिनों से धरने पर बैठे थे, तभी यूपीए-2 की सरकार के कहने पर दिल्ली पुलिस ने उनके समर्थकों और रामदेव पर बर्बरता पूर्ण तरीके से लाठी चार्ज किया था जिसमें रामदेव समर्थक एक महिला की मौत भी हो गई थी। लाठी चार्ज के वक्त रामदेव ने एक महिला का वस्त्र पहनकर भागने की कोशिश की थी। इसी दौरान बालकृष्ण की भी पुलिस ने खूब धुनाई की थी और गिरफ्तार भी किया था। तब बालकृष्ण ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस मुझे मारना चाहती थी।

उन्हीं बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और डी-मार्ट के राधाकिशन दमनी का नाम भारत के अमीरों की सूची में शामिल हो गया है। उद्योगपति मुकेश अंबानी अब भी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं। पिछले छह साल से अमीरों की सूची तैयार कर रही शोध इकाई हुरन ने बयान में कहा, एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बालकृष्ण अब देश के शीर्ष 10 अमीरों में शामिल हो गये हैं। रिटेल सेक्टर के नये सितारे दमनी सबसे लंबी छलांग लगाने वाले अमीर रहे। उनकी संपत्ति में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ। एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शानदार सूचीबद्धता से अमीरों की सूची में आठ नये लोगों को जगह मिली।

बालकृष्ण पिछले साल 25वें स्थान पर थे जबकि इस बार वह आठवें स्थान पर पहुंच गये हैं। उनकी संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गयी है। पिछले वित्त वर्ष में पतंजलि का कारोबार 10,561 करोड रुपये पर पहुंच गया। वह कई विदेशी ब्रांडों को टक्कर दे रही है।  मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने रहे। वैश्विक स्तर पर वह पहली बार शीर्ष 15 में जगह बनाने में कामयाब रहे। शेयर बाजार में आये उछाल से रिलायंस के शेयर बढ़ गये। इससे अंबानी की संपत्ति 58 प्रतिशत बढकर 2,570 अरब रुपये पर पहुंच गयी है। उनकी यह संपत्ति यमन देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 50 प्रतिशत अधिक है।

कौन हैं आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण पतंजलि आयुर्वेद के एमडी है। बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि देश के शीर्ष एफएमसीजी सेक्टर में शामिल हो गया है। मूल रूप से नेपाल के रहने वाले बालकृ्ष्ण को शुरू से ही आयुर्वेद में रूचि थी। उन्होंने सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय बनारस से आचार्य की डिग्री भी ली है। पतंजलि का प्रमुख चेहरा भले ही रामदेव हो लेकिन सारे कामकाज में बालकृष्ण की भूमिका अहम होती है।

बता दें कि बाबा रामदेव का पतंजलि कंपनी में बालकृ्ष्ण की 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 10 साल पहले 50 -60 करोड़ के बैंक कर्ज से शुरू होने वाली यह कंपनी हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी कंपनियों की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी बन गयी है। 15 घंटा हर दिन काम करने वाले बालकृ्ष्ण किसी बिजनेस कॉलेज से एमबीए नहीं हैं। धोती-कुर्ता पहनते हैं। बाबा रामदेव जहां मीडिया में खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। वहीं बालकृ्ष्ण अकसर पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं। दोनों की मुलाकात 30 साल पहले हरियाणा के गुरूकुल में हुई थी। जहां वे एक दूसरे के दोस्त बने।

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