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डीडवाना में आरएलपी का हल्लाबोल: कानून व्यवस्था, किसानों के मुआवजे और बेनीवाल की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला – Didwana-Kuchaman News

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डीडवाना में आरएलपी का हल्लाबोल:  कानून व्यवस्था, किसानों के मुआवजे और बेनीवाल की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला – Didwana-Kuchaman News

डीडवाना में आरएलपी का हल्लाबोल: कानून व्यवस्था, किसानों के मुआवजे और बेनीवाल की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला – Didwana-Kuchaman News


राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने सोमवार को डीडवाना जिला मुख्यालय पर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, पानी-बिजली संकट, किसानों के लंबित मुआवजे और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा बहाल करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला कलेक्टर कार्यालय के आसपास पुलिस के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए और पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आया। किसान विश्राम गृह से शुरू हुआ विरोध मार्च आरएलपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बस स्टैंड स्थित किसान विश्राम गृह में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद कार्यकर्ता वाहनों के जरिए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां प्रदर्शन किया गया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। राज्यपाल के नाम सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा पुनः बहाल करने, कुचामन में प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा वर्ष 2023 से 2025 तक किसानों के लंबित फसल खराबा मुआवजे का भुगतान करने की मांग की गई। बिजली, पानी, रोजगार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए ज्ञापन में कृषि कार्य के लिए नियमित बिजली आपूर्ति, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुधारने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने तथा विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, चोरी-लूट और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने, खराब सड़कों की मरम्मत कराने तथा स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर करवाने की मांग उठाई गई। बड़ी संख्या में जुटे पार्टी पदाधिकारी प्रदर्शन में खींवसर के पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल, मेड़ता की पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी, आरएलपी नेता मदन बलारा, गुलशेर खान, वसीम अकरम और अब्दुल मलिक बालिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकार पर साधा निशाना प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। महाभारत का उदाहरण देकर दी नसीहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नसीहत देते हुए नारायण बेनीवाल ने महाभारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र को अपने पुत्र दुर्योधन की गलतियों का अहसास तब हुआ जब पूरा कौरव वंश समाप्त हो गया था। मुख्यमंत्री को भी अपने मंत्रियों और विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी आरएलपी नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठा रही है, लेकिन यदि प्रशासन के जरिए आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो पूरे राजस्थान में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।

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