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बैतूल में हमशक्ल खड़ी कर जमीन हड़पी: 8 साल बाद धोखाधड़ी का खुलासा, भाभी ने रचा था षड्यंत्र, 4 गिरफ्तार – Betul News

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बैतूल में हमशक्ल खड़ी कर जमीन हड़पी:  8 साल बाद धोखाधड़ी का खुलासा, भाभी ने रचा था षड्यंत्र, 4 गिरफ्तार – Betul News

बैतूल में हमशक्ल खड़ी कर जमीन हड़पी: 8 साल बाद धोखाधड़ी का खुलासा, भाभी ने रचा था षड्यंत्र, 4 गिरफ्तार – Betul News


बैतूल जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और हमशक्ल के जरिए जमीन हड़पने के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने ननद की पैतृक संपत्ति हथियाने के लिए रचे गए इस षड्यंत्र में शामिल भाभी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी ने 14 हजार रुपए का लालच देकर अपनी ननद की हमशक्ल को खड़ा किया था और फर्जी हक त्यागनामा बनवाकर रजिस्ट्री करा ली थी। ग्राम खापा निवासी 61 वर्षीय बिसनिया बाई यादव ने 4 जून 2026 को शाहपुर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में उनकी करीब आधा एकड़ पैतृक भूमि को फर्जी तरीके से दूसरों के नाम दर्ज करा लिया गया था। थाना प्रभारी अरविंद कुमरे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को धर दबोचा। भाभी ने ऐसे रचा षड्यंत्र, 14 हजार में तैयार की हमशक्ल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बिसनिया बाई की भाभी रामकुंवरिया यादव की नजर लंबे समय से इस जमीन पर थी। उसने अपने बहनोई रामभरोस यादव और भाई रंदीप यादव के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। इस योजना के तहत फुल्ला बाई नाम की महिला को 14 हजार रुपए का लालच देकर बिसनिया बाई की जगह खड़ा किया गया और फर्जी हक त्यागनामा तैयार कर जमीन हथिया ली गई। 2024 में दोबारा की धोखाधड़ी, बहनोई को बेची जमीन
धोखाधड़ी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका और साल 2024 में रामकुंवरिया ने यह जमीन अपने बहनोई रामभरोस को बेच दी। इस बार भी रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान असली बिसनिया बाई की जगह फर्जी महिला फुल्ला बाई को रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश किया गया। इन फर्जी दस्तावेजों को असली बताकर पूरी कानूनी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था। इन गंभीर धाराओं में केस दर्ज, राजस्व अमले पर भी उठे सवाल
शाहपुर पुलिस ने चारों आरोपियों रामकुंवरिया, रामभरोस, रंदीप और फुल्ला बाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 274/2026 दर्ज कर धोखाधड़ी और जालसाजी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत कार्रवाई की है। वहीं, फर्जी महिला की पहचान पुख्ता किए बिना रजिस्ट्री होने पर पटवारी और रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुमरे और एसआई नीरज खरे की अहम भूमिका रही।

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