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हीट स्ट्रोक से गई 8 राष्ट्रीय पक्षियों की जान: डीडवाना में मोरों के शिकार की अफवाहें निराधार, पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग की पुष्टि – Didwana-Kuchaman News

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हीट स्ट्रोक से गई 8 राष्ट्रीय पक्षियों की जान:  डीडवाना में मोरों के शिकार की अफवाहें निराधार, पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग की पुष्टि – Didwana-Kuchaman News

हीट स्ट्रोक से गई 8 राष्ट्रीय पक्षियों की जान: डीडवाना में मोरों के शिकार की अफवाहें निराधार, पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग की पुष्टि – Didwana-Kuchaman News


डीडवाना जिले में मृत मिले 8 मोरों की मौत के मामले में वन विभाग की जांच पूरी हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मोरों की मौत का कारण अत्यधिक गर्मी और हीट स्ट्रोक (लू लगना) सामने आया है। वन विभाग ने अवैध शिकार और संदिग्ध गतिविधियों की आशंकाओं को खारिज करते हुए पांच दिन तक क्षेत्र में गहन सर्च अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी शिकार से जुड़े सबूत नहीं मिले। अब विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में वाटर हॉल में पानी भरवाने का काम शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हीट स्ट्रोक की पुष्टि उप वन संरक्षक विजय शंकर पाण्डे के निर्देश पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ममता मुण्ड ने टीम के साथ पूरे मामले की विस्तृत जांच करवाई। सूचना मिलने के बाद मृत पाए गए 8 मोरों का पोस्टमार्टम राजकीय पशु अस्पताल मकराना में तीन सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मोरों की मौत का कारण हीट स्ट्रोक प्रमाणित हुआ। पांच दिन चला सर्च अभियान, नहीं मिले शिकार के सबूत घटना के बाद वन विभाग ने लगातार पांच दिनों तक आसपास के क्षेत्रों में गहन सर्च अभियान चलाया। जांच के दौरान अवैध शिकार से जुड़ा कोई साक्ष्य या संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। वन बागरिया समुदाय के डेरों की भी बारीकी से जांच की गई, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री या शिकार से संबंधित उपकरण बरामद नहीं हुए। विभाग ने समुदाय के लोगों को वन अपराध नहीं करने के लिए पाबंद भी किया है।
ग्रामीणों ने भी नहीं जताया किसी पर शक जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। ग्रामीणों ने भी किसी व्यक्ति विशेष पर किसी प्रकार का संदेह जाहिर नहीं किया। इसी दौरान वन विभाग की टीम ग्राम गेढ़ा के सरपंच मुकेश डारा से मिलने उनके घर पहुंची, लेकिन जानकारी मिली कि वे पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद में हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने उनके परिजनों से बातचीत की। सरपंच के पिता ने भी किसी रंजिश या संदिग्ध गतिविधि से इनकार करते हुए मेडिकल रिपोर्ट आने से पहले फैली अफवाहों का खंडन किया। वन विभाग ने शुरू करवाई पानी की व्यवस्था क्षेत्रीय वन अधिकारी ममता मुण्ड ने बताया कि वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में वाटर हॉल चिन्हित कर उनमें पानी भरवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। आमजन से भी की अपील वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के लिए परिंडे बांधें और पानी की समुचित व्यवस्था करें, ताकि बेजुबान पक्षियों को राहत मिल सके।

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