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पाली में आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ बोले: आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण की वकालत पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाई थी – Pali (Marwar) News

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पाली में आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ बोले:  आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण की वकालत पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाई थी – Pali (Marwar) News

पाली में आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ बोले: आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण की वकालत पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाई थी – Pali (Marwar) News


आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग ( ईडव्लूएस) के सरलीकरण की मांग EWS जन जागृति मंच के माध्यम से प्रदेश भर में उठा रहे हैं। इसी संदर्भ में पूर्व मंत्री धर्मेंद्र राठौड़ बुधवार को शाम को पाली पहुंचे। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत ने बताया कि आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ का पाली में स्वागत किया। आरटीडीसी के पूर्व चैयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने ईडब्ल्यूएस मुद्दे पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण की वकालत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल 1998 की सरकार के समय की थी, वही मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार के समय आर्थिक पिछड़ों को आरक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन जब नरेंद्र मोदी सरकार आई तो उन्होंने 2019 में आर्थिक आधार पर पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया लेकिन उसमें अवहवारिक शर्ते रखी। मानो एक हाथ से आरक्षण का लाभ दिया और दूसरे हाथ से लिया। उन्होंने आमजन से ईडब्ल्यूएस के मुद्दे पर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दे पर हमें सभी को आगे आना होगा और केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुचाकर सरलीकरण कराना होगा, ताकि अपने युवाओं को इसका लाभ मिल सके। प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक पिछड़े वर्ग को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ दिया तब हमने इसका स्वागत किया, लेकिन उसमें जो शर्ते लगाई वो जटिल थी और जिसका लाभ नहीं मिल पा रहा था, ऐसे में राजस्थान प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन जटिल पांच में से चार शर्तो को हटाकर युवाओं को लाभ दिया। हम तो अभी भी मांग कर रहे हैं कि जटिल शर्ते हटाकर केंद्र राजस्थान की ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ दे दो अब भी उनका धन्यवाद करेंगे। इसमे किसी प्रकार की कोई राजनीति नहीं है। हमने सौ से अधिक विधायकों जिसमें बीजेपी, निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं उन्होंने लिखित में हमें दिया है कि जैसा सरलीकरण राजस्थान में हुआ वैसा केंद्र में भी होना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि केंद्र की अवहवारिक शर्तें जिसमें पांच एकड़ की शर्त में दो से ढाई लाख की इनकम होती है जो सरकार भी मानती है तो पांच एकड़ की शर्त लगाने की कहा जरूरत पड़ गई। उन्होंने कहा कि कई जातियां ऐसी है जो राज्य में ओबीसी में शामिल हैं लेकिन केंद्र में सामान्य श्रेणी में तो यह सरलीकरण का लाभ सभी को मिलेगा। धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा हम चाहते हैं कि ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट ज्यादा से ज्यादा बनाए और अगर कही बनने में परेशानी आती है हम सहयोग करेंगे इसके लिए हमने हेल्पलाइन तैयार की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने कहा कि राजस्थान में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव होंगे, जिसमें 10 प्रतिशत आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए जो राज्य सरकार के हाथ में है इसकी मांग भी हम इस जन जागृति मंच अभियान के तहत कर रहे हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत ने कार्यक्रम के अंत में आभार जताया। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा, पूर्व विधायक खुशवीर सिंह जोजावर, किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष गिरधारी सिंह मण्डली,पीसीसी सदस्य महावीर सिंह सुकरलाई,पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत, पूर्व लोक अभियोजक डॉ. चंद्रभानु राजपुरोहित, पूर्व उप प्रधान गुलाब सिंह गिरवर, गोपाल सिंह शेखावत, राजपूत युवा संगठन अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राठौड़, हीर सिंह लौडता, बाघ सिंह राठौड़, मनोहार सिंह भाटी रामासिया, हितपाल सिंह बमनिया, प्रेम सिंह जाड़न, विक्रम सिंह गुडा पृथ्वीराज, जालम सिंह राणावत, महिपाल सिंह चम्पावत गुड़ाखूनी, नरपत सिंह चोटिला, शेर सिंह मण्डली सहित समान्य वर्ग के कई प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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