सबसे बड़ा डिफॉल्टर निगम, 16.6 करोड़ बकाया, पावरकॉम ने 1769 डिफॉल्टरों के काटे कनेक्शन – Ludhiana News h3>
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पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने बिजली बिलों के बकायेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नवंबर की शुरुआत से अब तक शहर में बड़ी कार्रवाई की है। महज 11 दिनों में लुधियाना के 9 डिवीजनों में 1769 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जबकि 20 करोड़ 92 लाख 18 हजार रुपये की वसूली की गई है।
वहीं सरकारी महकमों में नगर निगम पर सबसे ज्यादा करीब 16.6 करोड़ का बकाया है। चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस, एस.ई. (ईस्ट) सुरजीत सिंह और एस.ई. (वेस्ट) कुलविंदर सिंह की अगुवाई में बनी टीमों ने यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की। विभाग की ओर से साफ कहा गया है कि अब डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पावरकॉम का अभियान शहर के सभी इलाकों रिहायशी, व्यापारिक और औद्योगिक में लगातार जारी है। अभियान के दौरान टीमों ने जहां-जहां बकाया बिल जमा नहीं करवाए गए थे, वहां कनेक्शन काटने के साथ-साथ मीटर भी कब्जे में ले लिए।
कई इलाकों में पावरकॉम की टीमों ने अचानक छापेमारी कर बड़ी संख्या में कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए। हालांकि, विभाग ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को राहत देते हुए यह विकल्प भी दिया है कि वे अपने बकाया बिल 2 या 3 किश्तों में जमा करवा सकते हैं, ताकि उनके घरों में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की दिक्कत न हो।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने अब सिर्फ आम डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि सरकारी विभागों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सितंबर 2024 से लेकर नवंबर 2025 तक के बकाया बिजली बिलों को लेकर विभाग ने 53 सरकारी दफ्तरों को नोटिस जारी किए हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की बकाया राशि वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, इन विभागों में नगर निगम लुधियाना पर सबसे अधिक करीब 16 करोड़ 6 लाख का बकाया बिजली बिल खड़ा है। वहीं, सरकारी स्कूलों पर लगभग 2 करोड़, पुलिस थानों और जेल विभाग पर करीब 5 करोड़ तथा जल सप्लाई एवं सीवरेज विभाग पर लगभग 5 करोड़ का बकाया बकाया दर्ज किया गया है।
पावरकॉम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद कई विभागों ने बकाया राशि जमा नहीं करवाई, जिसके चलते अब विभाग ने कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो विभागीय कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बकाया वसूली को विशेष टीमों का गठन: चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने कहा कि बिजली बिलों का भुगतान सभी उपभोक्ताओं चाहे वह सरकारी विभाग हों या निजी संस्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग को अब सरकारी होने के नाम पर रियायत नहीं दी जाएगी।
पावरकॉम के अनुसार, राज्य भर में सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, थानों और जल सप्लाई दफ्तरों में बिजली बिलों की बकाया राशि 30 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। अब विभाग इन सभी बकायेदारों से रकम वसूलने के लिए विशेष टीमों का गठन कर चुका है।
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पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने बिजली बिलों के बकायेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नवंबर की शुरुआत से अब तक शहर में बड़ी कार्रवाई की है। महज 11 दिनों में लुधियाना के 9 डिवीजनों में 1769 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जबकि 20 करोड़ 92 लाख 18 हजार रुपये की वसूली की गई है।
वहीं सरकारी महकमों में नगर निगम पर सबसे ज्यादा करीब 16.6 करोड़ का बकाया है। चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस, एस.ई. (ईस्ट) सुरजीत सिंह और एस.ई. (वेस्ट) कुलविंदर सिंह की अगुवाई में बनी टीमों ने यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की। विभाग की ओर से साफ कहा गया है कि अब डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पावरकॉम का अभियान शहर के सभी इलाकों रिहायशी, व्यापारिक और औद्योगिक में लगातार जारी है। अभियान के दौरान टीमों ने जहां-जहां बकाया बिल जमा नहीं करवाए गए थे, वहां कनेक्शन काटने के साथ-साथ मीटर भी कब्जे में ले लिए।
कई इलाकों में पावरकॉम की टीमों ने अचानक छापेमारी कर बड़ी संख्या में कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए। हालांकि, विभाग ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को राहत देते हुए यह विकल्प भी दिया है कि वे अपने बकाया बिल 2 या 3 किश्तों में जमा करवा सकते हैं, ताकि उनके घरों में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की दिक्कत न हो।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने अब सिर्फ आम डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि सरकारी विभागों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सितंबर 2024 से लेकर नवंबर 2025 तक के बकाया बिजली बिलों को लेकर विभाग ने 53 सरकारी दफ्तरों को नोटिस जारी किए हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की बकाया राशि वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन विभागों में नगर निगम लुधियाना पर सबसे अधिक करीब 16 करोड़ 6 लाख का बकाया बिजली बिल खड़ा है। वहीं, सरकारी स्कूलों पर लगभग 2 करोड़, पुलिस थानों और जेल विभाग पर करीब 5 करोड़ तथा जल सप्लाई एवं सीवरेज विभाग पर लगभग 5 करोड़ का बकाया बकाया दर्ज किया गया है।
पावरकॉम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद कई विभागों ने बकाया राशि जमा नहीं करवाई, जिसके चलते अब विभाग ने कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो विभागीय कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बकाया वसूली को विशेष टीमों का गठन: चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने कहा कि बिजली बिलों का भुगतान सभी उपभोक्ताओं चाहे वह सरकारी विभाग हों या निजी संस्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग को अब सरकारी होने के नाम पर रियायत नहीं दी जाएगी।
पावरकॉम के अनुसार, राज्य भर में सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, थानों और जल सप्लाई दफ्तरों में बिजली बिलों की बकाया राशि 30 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। अब विभाग इन सभी बकायेदारों से रकम वसूलने के लिए विशेष टीमों का गठन कर चुका है।




