वाराणसी में गैंगरेप से जन्मी बच्ची की मौत: 6 दिन पहले डिलीवरी हुई, आधी रात बिगड़ी तबीयत; धमकी के बावजूद सुरक्षा हटा ली थी – Varanasi News h3>
बच्ची की मौत के बाद पड़ोसी महिलाएं पहुंची।
वाराणसी में गैंगरेप पीड़ित ने सोमवार शाम जिस बेटी को जन्म दिया था, रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। जन्म के छह दिन बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। आधी रात उसकी तबीयत बिगड़ी और रोना शुरू किया।
.
परिजन उसे सुलाते रहे, लेकिन कुछ देर बाद पूरी तरह से शांत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। आसपास के लोग जुटे और देखा तो बच्ची ने दम तोड़ दिया था। परिजन उसके नामकरण की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अभी मौत की वजह पता नहीं चली है।
बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने चौबेपुर थाने को सूचना दी। औपचारिकता निभाने पहुंचे पुलिस कर्मियाें ने शव का पंचनामा भरा। अब पोस्टमॉर्टम के बाद बच्ची की मौत की वजह पता चल सकेगी। पूरा परिवार और रिश्तेदार घर जुटे हैं।
वहीं, अब बच्ची की मौत के बाद कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्ची की मां और नाना को आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया था।
गैंगरेप पीड़ित अपनी बच्ची के साथ दीनदयाल अस्पताल में भर्ती थी, जहां से उसे मंगलवार को ही घर भेज दिया गया।
गर्भवती होने पर भी रेप से बिगड़ी थी भ्रूण की स्थिति नवंबर 2024 में दो आरोपियों ने उसे घर से ले जाकर दुष्कर्म किया था लेकिन बाद में अपने दोस्तों के आगे भी परोस दिया। इसके बाद मार्च तक कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ता के गर्भवती होने के बावजूद आरोपी उसे घर से उठाकर सुनसान जगह पर ले गए और बारी-बारी से रेप किया।
दर्द से कराहती पीड़िता गुहार लगाती रही लेकिन हवस में डूबे आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी। हालात बिगड़ी तो परिजन अस्पताल ले गए तो डॉक्टर ने बताया कि प्रेगनेंसी के बाद संबंध बनाने बच्चे की पोजीशन पर असर पड़ा है। गर्भ के अंदर उसकी तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकों की माने तो निर्धारित समय से पहले ही बच्ची का जन्म हो गया था, इंटरनल इन्फेक्शन भी मौत की वजह हो सकती है।
ऑटो में दिया था बेटी को जन्म, फिर पहुंची अस्पताल
वाराणसी में गैंगरेप पीड़िता ने 25 अगस्त की शाम को एक बेटी को जन्म दिया था। जब वह घर पर थी तो प्रसव पीड़ा उठी, तो घंटों इंतजार के बाद एक एम्बुलेंस तक नहीं मिल सकी। परिवार के मुताबिक, ऑनलाइन नंबर पर कॉल की। थाने में भी गुहार लगाई। मगर कोई मदद को आगे नहीं आया।
सिस्टम से हारकर पिता और रिश्तेदार उसको एक ऑटो में लिटाकर चौबेपुर से वाराणसी लाए। रास्ते में प्रसव पीड़ा के बीच उसने बेटी को जन्म दे दिया। परिवार ने सड़क पर ही लोगों से मदद मांगी। पास की एक क्लिनिक पर पीड़िता को ले जाकर बच्चे की नाल काटी गई। यहां प्राथमिक इलाज दिलाने के बाद परिवार बेटी को लेकर सरकारी हॉस्पिटल पहुंचा।
बेटी को जन्म देने वाली गैंगरेप पीड़िता का दर्द से कराहती रही, लेकिन उसने आरोपियों को सजा दिलाने की जिद ठान रखी थी। दैनिक भास्कर से पीड़िता ने कहा था- मैं अब तक लड़ ही रही हूं। मेरे साथ गलत करने वालों में सिर्फ 2 को जेल भेजा गया। 5 खुलेआम घूम रहे हैं। इसके बाद किरकिरी हुई तो पुलिस ने उन आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की।
मगर अब मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई है। इस बेटी को अच्छी परवरिश देनी है। इसकी एजुकेशन पर काम करेंगे। वह आगे कहती है- मुझे बेटी के अच्छे भविष्य के लिए बाप के नाम की जरूरत नहीं है। इंसाफ के लिए कोर्ट में मेरी लड़ाई जारी रहेगी।
पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, जिसके बाद उसे धमकियां मिल रहीं थी।
पहले जानिए पूरा घटनाक्रम………
न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते रहे
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दिसंबर, 2024 को 16 साल की लड़की को गांव के ही 2 युवक अपहरण कर सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ गैंगरेप किया, फिर छोड़कर भाग गए। इस दौरान उसके फोटो और वीडियो भी बना लिए।
फिर दोनों युवकों ने वीडियो से लड़की को ब्लैकमेल किया। इसके बाद अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल किया। फिर गांव के 7 युवकों ने कई दिनों तक लड़की के साथ गैंगरेप किया।इसके बाद शिकायत करने पर लड़की और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दी गई। गैंगरेप के बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई।
पुलिस ने कई दिन थाने के चक्कर लगवाए
लड़की से रेप करने वाले युवकों के घरवालों को यह बात बताई गई, तो गैर जाति का हवाला देकर उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद लड़की पुलिस के पास गई। पुलिस ने कई दिन तक थाने के चक्कर लगवाए।
एसओ ने चौकी इंचार्ज से जांच कराने की बात कही। फिर गैंगरेप के 6 महीने बाद केस दर्ज किया गया। पुलिस ने लड़की के परिजनों की शिकायत पर गांव के ही 2 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था, अब पांच युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



