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वाराणसी में खुलेगा नेशनल फोरेंसिक साइंस का कैंपस: 35 एकड़ में होगा UP का पहला विश्वविद्यालय परिसर – Varanasi News

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वाराणसी में खुलेगा नेशनल फोरेंसिक साइंस का कैंपस:  35 एकड़ में होगा UP का पहला विश्वविद्यालय परिसर – Varanasi News

वाराणसी में खुलेगा नेशनल फोरेंसिक साइंस का कैंपस: 35 एकड़ में होगा UP का पहला विश्वविद्यालय परिसर – Varanasi News

वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला नेशनल साइंस फोरेंसिक विश्वविद्यालय का कैम्पस खुलने जा रहा है। 35 एकड़ में स्थापित होने वाले इस यूनिवर्सिटी के कैंपस में पढ़ाई, शोध के साथ फोरेंसिक जांच भी होगी जो पुलिस महकमे के लिए केस साल्व करने में मददगार होगी।

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राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्विद्यालय गांधी नगर, गुजरात की शाखा बनारस में खोलने की कवायद लंबे समय से चल थी थी लेकिन जमीन फाइनल नहीं होने का कारण मामला अटका था। सीएम योगी की पहल पर वाराणसी जिला प्रशासन ने तेजी दिखाई तो अब जल्दी ही यहां विश्वविद्यालय की ब्रांच खुलने की उम्मीद जागी है।

यूपी में पहली ब्रांच, पुलिस को भी मिलेगी मदद

राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की उत्तर प्रदेश में यह पहली शाखा होगी। अभी तक गुजरात के अलावा गोवा, त्रिपुरा, भोपाल, गुवाहाटी और मणिपुर में इसकी शाखाएं हैं। वाराणसी में खुलने वाले कैंपस में लैब के साथ ही फोरेंसिक साइंस से जुड़े विभिन्न कोर्स चलाए जाएंगे। अपराध से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक विधि से अन्वेषण से जुड़े कोर्स पढ़ाए जाएंगे। विषय विशेषज्ञता के साथ शोध भी होंगे। जघन्य अपराध के मामलों में फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस की मदद भी की जाएगी।

शहंशाहपुर में जमीन की फाइनल

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राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए लंबे समय से जमीन की तलाश चल रही थी। देरी पर केंद्र सरकार ने पत्राचार किया। सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें तेजी दिखाई और जिला प्रशासन को जमीन की तलाश के लिए कहा गया। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की मदद से तीन स्थान शहंशाहपुर, रमना और रिंग रोड के किनारे जमीन का प्रस्ताव बनाकर शासन के जरिए राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति को भेजा। विश्वविद्यालय की प्रशासनिक टीम ने स्थलीय निरीक्षण के बाद शहंशाहपुर की जमीन फाइनल की। यहां लगभग 35 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने जमीन फाइनल होने की जानकारी शासन को दी और वहां से फाइल गृह मंत्रालय भेज दी गई है। बता दें कि राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गृह मंत्रालय के अधीन है इसलिए प्रस्ताव वहां भेजा गया है। जमीन भी गृह मंत्रालय के नाम से अधिग्रहीत की जाएगी।

शहंशाहपुर में इंड्रस्ट्रीयल एरिया का भी प्रस्ताव

शहंशाहपुर में वाराणसी का नया इंड्रस्ट्रीयल एरिया 188 एकड़ भूमि पर विकसित करने की योजना है। प्रदेश सरकार को इसके लिए जुलाई माह में जिला प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर भी भेजा है।

बायो गैस का प्लांट भी यहां

शहंशाहपुर में 07 एकड़ जमीन पर कंप्रेस्ड बायो गैस का उत्पादन भी होता है। अडानी ग्रुप द्वारा 23 करोड़ की लागत से स्थापित प्लांट में रोजाना 3150 किलो CBG (कंप्रेस्ड बायो गैस) उत्पादन की क्षमता है। इसका उद्घाटन पीएम मोदी ने वर्ष 2021 में किया था।

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