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योगी ने कहा था-लातों के भूत बातों से नहीं मानते: वाराणसी में दिए गए बयान पर एमपी/एमएलए की अदालत ने इंस्पेक्टर से मांगी आख्या, जानिए क्या है मामला – Varanasi News

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योगी ने कहा था-लातों के भूत बातों से नहीं मानते:  वाराणसी में दिए गए बयान पर एमपी/एमएलए की अदालत ने इंस्पेक्टर से मांगी आख्या, जानिए क्या है मामला – Varanasi News

योगी ने कहा था-लातों के भूत बातों से नहीं मानते: वाराणसी में दिए गए बयान पर एमपी/एमएलए की अदालत ने इंस्पेक्टर से मांगी आख्या, जानिए क्या है मामला – Varanasi News

वाराणसी के बसंता कालेज में बीते 18 जुलाई को आयोजित समारोह में सीएम योगी ने जौनपुर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते। सीएम योगी के इस बयान को लेकर पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के अध

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पहले जानिए क्या बोले थे CM योगी

18 जुलाई को सीएम वाराणसी में बसंता कालेज में बिरसा मुंडा पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने ताजिए की ऊंचाई को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा- हाल में जौनपुर में एक बड़ा ताजिया उठाया गया। इस दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आकर 3 की मौत हो गई। उन लोगों ने रास्ता जाम कर दिया। पुलिस वालों ने पूछा- क्या करें? मैंने कहा- लाठी मारकर बाहर करो, क्योंकि ये लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे। सीएम ने 3 साल पहले की एक घटना का भी जिक्र करते हुए कहा- एक जगह आगजनी हुई। मैंने अफसरों से कहा-अभी कार्रवाई रोको और वीडियो फुटेज निकालो। फुटेज में दिखा कि एक व्यक्ति केसरिया गमछा पहनकर पहुंचता है। आगजनी करता है। उस समय उसके मुंह से ‘या अल्लाह’ निकलता है। कहा कि ऐसे छुपे हुए समाज के दुश्मनों को समय रहते चिह्नित करना होगा, जिससे समाज की एकता में बाधक तत्वों को बेनकाब किया जा सके। यही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मोहर्रम में बेटियां बाहर नहीं निकल पातीं थीं

सीएम ने कहा था कि हमने नियम बनाया कि सावन के महीने से ठीक पहले मोहर्रम का आयोजन होता है। हमने कहा- ताजिया की ऊंचाई इससे ज्यादा मत रखिए, क्योंकि फिर आप मांग करेंगे कि पेड़ की टहनियां काटें और हाईटेंशन तार हटाएं। एक पेड़ को लगने में 40 से 50 साल लगते हैं। मैंने कहा- यह नहीं होगा।

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पहले मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उपद्रव का कारण बनता था। बहन-बेटियां सड़कों पर नहीं निकल पाती थीं। उस समय कोई नहीं बोलता था। जब मैंने कहा था कि हाईटेंशन तार की चपेट में आ सकते हो, ताजिया को इससे ऊंचा मत करना। तब सोशल मीडिया पर किसी ने इसका विरोध नहीं किया।

कांवड़ यात्रा का होता है मीडिया ट्रायल

दूसरी तरफ आपने देखा होगा कि कांवड़ यात्रा चल रही है। यात्रा में जाति, क्षेत्र, वर्ग, संप्रदाय का कोई भेद नहीं है। श्रमिक से लेकर उच्च वर्ग तक का व्यक्ति इससे जुड़ा है। सभी 200 से 300 किलोमीटर दूर जल लेने जाते हैं। भक्ति-भाव से चलते हैं, लेकिन उसका भी मीडिया ट्रायल होता है।

कांवड़ यात्रा को बदनाम किया जाता है। उसके बारे में खूब लिखा जाता है। कांवड़ियों को उपद्रवी और आतंकवादी तक बोलने का दुस्साहस होता है।

फेक अकाउंट बना करके जातीय संघर्ष पैदा करना चाहते हैं

ये वही समुदाय है, जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करता है। ये वही लोग हैं, जो आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बना करके समाज में जातीय संघर्ष को बढ़ाना चाहते हैं। ये चीजें दिखाती हैं कि ये कौन लोग हैं, जो समाज में नफरत पैदा करना चाहते हैं।

अब जानिए क्या कह रहे अमिताभ

एमपी/एमएलए की अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में अमिताभ ठाकुर कहा है कि योगी आदित्यनाथ द्वारा 18 जुलाई 2025 को वाराणसी में बसंत महिला महाविद्यालय में दिए गए भाषण और इस संबंध में उनके यूट्यूब तथा एक्स अकाउंट के माध्यम से पोस्ट किए गए चुनिंदा भागो में तमाम ऐसे तथ्य हैं, जो प्रथमदृष्टया धारा 196, 197, 299 तथा 302 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दिखते हैं।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के भाषण के वे समस्त भाग, जो उनके द्वारा अपने एक्स और यूट्यूब अकाउंट पर प्रस्तुत किए गए हैं, स्पष्ट रूप से वर्ग वैमनस्य को बढ़ावा दिए जाने का प्रयास दिखते हैं। पांच बार के सांसद और दो बार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस प्रकार के भाषण को अत्यंत गंभीर बताते हुए इंस्पेक्टर गोमती नगर और पुलिस कमिश्नर लखनऊ को शिकायत दी थी। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट के सामने प्रार्थना पत्र दिया था जिसपर अदालत ने इंस्पेक्टर गोमती नगर से आख्या मांगी है।

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