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पटियाला में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज: पुलिस ने टांगों पर डंडे मारे; 10 हिरासत में लिए; नौकरी के लिए दे रहे थे धरना – Patiala News

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पटियाला में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज:  पुलिस ने टांगों पर डंडे मारे; 10 हिरासत में लिए; नौकरी के लिए दे रहे थे धरना – Patiala News

पटियाला में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज: पुलिस ने टांगों पर डंडे मारे; 10 हिरासत में लिए; नौकरी के लिए दे रहे थे धरना – Patiala News


पटियाला में शुक्रवार को 2600 अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन के प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। अपनी मांगों को लेकर पावरकॉम मुख्यालय के बाहर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यूनियन ने पुलिस पर जबरन कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि वे लंबे समय से नौकरी संबंधी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार और अधिकारियों के आश्वासनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अब सिलसिलेवार पूरा मामला पढ़िए… पावरकॉम मुख्यालय के बाहर चल रहा था धरना
2600 अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर पटियाला स्थित पावरकॉम मुख्यालय के सामने धरना दे रहे थे। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। तकनीकी परीक्षा पास, नौकरी का इंतजार
यूनियन नेता आकाश कंबोज ने बताया कि सभी सदस्य तकनीकी परीक्षा पास कर चुके हैं। उनके अनुसार सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि पंजाबी भाषा की एक क्वालिफाइंग परीक्षा के बाद उन्हें नौकरी के लिए पात्र माना जाएगा। सरकार के भरोसे खत्म किया था पिछला धरना
कंबोज के मुताबिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें पहले धरना समाप्त करने और पंजाबी परीक्षा की तैयारी करने को कहा था। यूनियन ने सरकार पर भरोसा करते हुए धरना खत्म कर दिया था। उन्हें एक सप्ताह के भीतर परीक्षा की तारीख घोषित करने का आश्वासन भी दिया गया था। चुनाव और आचार संहिता का हवाला देकर टाला मामला
यूनियन का आरोप है कि बाद में अधिकारियों ने नगर निगम चुनाव और आचार संहिता का हवाला देकर मामले को टाल दिया। आचार संहिता समाप्त होने के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया गया। कई दौर की बैठकों के बाद विभाग ने कथित तौर पर साफ कर दिया कि उन्हें विभाग में शामिल नहीं किया जा सकता। पांच दिन से चल रहा था शांतिपूर्ण प्रदर्शन
यूनियन नेताओं का कहना है कि वे पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। उनका दावा है कि सड़क का पर्याप्त हिस्सा खाली रखा गया था, जिससे यातायात, एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हो रही थी। पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप
आकाश कंबोज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और करीब 10 साथियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
यूनियन का कहना है कि उसके सदस्य पहले ही विभाग में छह महीने तक काम कर चुके हैं और अब अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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