जयपुर के ऋषिराज को मिला नेशनल अवॉर्ड: हैंडीकैम से शूट की गई ‘गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार – Jaipur News h3>
ऋषिराज की ‘गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला है।
दिल्ली में शुक्रवार को 71वें नेशनल अवॉर्ड्स का ऐलान हुआ। नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में जयपुर के होनहार फिल्ममेकर ऋषिराज अग्रवाल को ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी डॉक्यूमेंट्री ‘गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन’ ने ज
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यह डॉक्यूमेंट्री अंगदान प्रक्रिया में काम करने वाले ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स के जीवन और कार्यों पर केंद्रित है, जो अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। फिल्म में इन कोऑर्डिनेटर्स की भूमिका, चुनौतियों और उनके सामने आने वाले मानसिक संघर्षों को बताया है।
यह डॉक्यूमेंट्री अंगदान प्रक्रिया में काम करने वाले ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स के जीवन और कार्यों पर केंद्रित है, जो अक्सर अनदेखे रह जाते हैं।
डॉक्यूमेंट्री में सुधा, भानु चंद्र, भानु प्रकाश और दिलीना जैसे कोऑर्डिनेटर्स की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी को बेहद सजीव ढंग से फिल्माया गया है।
ऋषिराज ने यह फिल्म अपने एम.डिज़. (फिल्म एंड वीडियो) प्रोग्राम के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद से स्नातक परियोजना के रूप में बनाई। खास बात यह है कि इसे COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान एक वन-पर्सन क्रू के रूप में सोनी हैंडीकैम से शूट किया गया था, जिससे अस्पतालों में अधिक हस्तक्षेप किए बिना यथार्थ को कैद किया जा सके।
ऋषिराज ने यह फिल्म अपने एम.डिज. (फिल्म एंड वीडियो) प्रोग्राम के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद से स्नातक परियोजना के रूप में बनाई।
इस फिल्म का विचार डॉ. राजेश चंदवानी (एसोसिएट प्रोफेसर, IIM अहमदाबाद) के रिसर्च से प्रेरित है, जिन्होंने अंगदान में ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स की भूमिका पर अध्ययन किया था।
ऋषिराज ने कहा कि जब मैंने अपने पिता को खोया, तब मैंने दूसरों के दुख को समझना शुरू किया। इसी अनुभव ने मुझे इस विषय के और करीब ला दिया।
फिल्म का शीर्षक ‘गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन’ इन कोऑर्डिनेटर्स के प्रति समाज के मिश्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां कभी उन्हें भगवान-सा माना जाता है, तो कभी गिद्धों के समान देखा जाता है। लेकिन यह फिल्म उन्हें इंसान के रूप में सामने लाती है।
जयपुर के युवा फिल्ममेकर ऋषिराज अग्रवाल द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री “God, Vulture and Human” को देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सवों में चयनित किया गया है और इसे कई मंचों पर विशेष सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
ऋषिराज ने कहा कि जब मैंने अपने पिता को खोया, तब मैंने दूसरों के दुख को समझना शुरू किया। इसी अनुभव ने मुझे इस विषय के और करीब ला दिया।
इन फेस्टिवल्स में मिली जगह
- मदुरै इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2023आधिकारिक चयन – 7 दिसंबर 2023, मदुरै, भारत
- पांचजन्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024आधिकारिक चयन – 5 फरवरी 2024, चित्तूर, केरल
- चेन्नई इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2024सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट – 20 फरवरी 2024, चेन्नई
- वर्ल्ड पॉपुलेशन डे फिल्म फेस्टिवल, चेन्नई 2024आधिकारिक चयन – 12 जुलाई 2024, चेन्नई
- डोकुबाकु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024आधिकारिक चयन – 2 अक्टूबर 2024, बाकू, अजरबैजान
- बांग्लादेश इंटरनेशनल शॉर्ट एंड इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल 2024आधिकारिक चयन – 6 दिसंबर 2024, ढाका, बांग्लादेश
- कैलिफोर्निया कैपिटल इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल 2025 आधिकारिक चयन – 7 मार्च 2025, सैक्रामेंटो, अमेरिका


