20 घंटे बाद मिला परमान नदी में डूबे बच्चे का शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा – Purnia News h3>
पूर्णिया | सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण एवं पोषणयुक्त चावल उपलब्ध करवाने को लेकर पूर्णिया व कटिहार जिले के राइस मिलरों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। बिहार राज्य खाद्य निगम एवं वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से आय
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डीएम एसएफसी श्री रामबाबू की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण में पूर्णिया और कटिहार जिले के संबंध सभी पैनल में शामिल सभी 30 राइस मिलर शामिल हुए। कार्यक्रम में पटना से आए राज्य खाद्य निगम के भंडार प्रबंधन विशेषज्ञ व मणि भूषण सिंह और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट गीतश्री फुकन ने राइस मिलरों को फोर्टिफाइड चावल की गुणवत्ता, गुणवत्ता मानक, मानक भंडारण, रखरखाव, पोर्टल पर रिपोर्ट,रिकॉर्ड अपडेट से जुड़ी महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया ।
डीएम एसएफसी ने बताया कि सरकार के द्वारा जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभुकों तक पोषणयुक्त चावल का वितरण किया जा रहा है।यह प्रशिक्षण सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गुणवत्तापूर्ण एवं पोषणयुक्त चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में किया गया है। प्रशिक्षण में पूर्णिया व कटिहार के 30 राइस मिलर्स तथा उनके प्रतिनिधि के अलावा राज्य खाद्य निगम के सभी सहायक प्रबंधक और गुणवत्ता नियंत्रक ने इस भाग लिया ।
अररिया जिला का रहने वाला था बच्चा, मां के साथ आया था ननिहाल NEWS4SOCIALन्यूज | अमौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरबट्टा पंचायत के रसेली गांव में परमान नदी में नहाने के दौरान डूबे सात वर्षीय बच्चे का शव 20 घंटे बाद नदी में उपलाता मिला। ग्रामीणों ने नदी से शव को निकालने के बाद घटना की सूचना अमौर थाना को दी। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची अमौर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के भेज दिया। इधर नदी में डूबे बच्चे का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। मृत बच्चे की पहचान अररिया जिले के महलगांव थाना क्षेत्र के बलवा निवासी मो. जमील के पुत्र मो. शहबाज के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि शाहबाज सोमवार को अपनी मां के साथ अपने ननिहाल बरबट्टा पंचायत के रसेली गांव आया था। मंगलवार को मो. शहबाज नाना के घर के समीप परमान नदी में नहाने गया था। नहाने के दौरान शहबाज डूब गया था। साथ गए अन्य दोस्तों ने इसकी जानकारी परिजनों को दिया तो ग्रामीणों के साथ पहुंचे परिजन ने परमान में शव के तलाश में जुटे रहे। साथ ही परिजन इन इसकी सूचना अमौर सीओ कृष्ण मोहन राय को दी थी ए जिसमें सीओ कृष्ण मोहन राय ने खुद घटना स्थल पर पहुंचे और एसडीआरएफ की के द्वारा शाम तक काफी खोजबीन करवाए लेकिन निराशा के साथ खाली हाथ लौटना पड़ा। वही बुधवार को सुबह करीब 6 बजे परमान नदी के किनारे शव उपलाता मिला उसके बाद ग्रामीणों ने शव को पानी से बाहर निकाला और इसकी सूचना अमौर सीओ कृष्ण मोहन राय और पुलिस अधिकारी अवधेश कुमार को दिए। वहीं मौके पर अमौर पुलिस ने पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीओ कृष्ण मोहन राय और थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है और राजस्व कर्मचारी को इसका रिपोर्ट तैयार कर आगे अनुदान राशि के लिए भेजा जा रहा है।
NEWS4SOCIALन्यूज|पूर्णिया श्रीनगर प्रखंड के चनका पंचायत अंतर्गत झंझरी टोल में जल्द प्राथमिक विद्यालय का स्थापना होगा।बिहार शिक्षा परियोजना ने झंझरी टोला में प्राथमिक विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी है। उक्त निर्देश परिषद के राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े ने डीईओ व डीपीओ एसएसए को पत्र लिख कर दिया है । विभाग से मिली मंजूरी के बाद वहां स्कूल खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है । झंझरी टोल में स्कूल खुल जाने के से पास के पांच बसावटों के बच्चों की नजदीक में विद्यालय की सुविधा मिलेगी। दरअसल झंझरी टोल के पांच बसावटों जिसकी आबादी 1660 है तथा 190 बच्चों को विद्यालय की आवश्यकता है। वर्तमान में ये सभी बच्चे प्राथमिकविद्यालय चरैया रहिका जाते हैं जो दूर है। नवसृजित प्राथमिक विद्यालय झंझरी टोल खुलने से बच्चों को। राहत मिलेगी सरकार तथा जिला प्रशासन लगातार सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहज तथा सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। डीपीओ एसएसए कौशल कुमार ने बताया कि आरटीई के नियमानुसार तीन किमी के दायरे में स्कूल नहीं होने के कारण से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए तत्कालीन डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर 25 फरवरी को श्रीनगर प्रखंड के चनका पंचायत अंतर्गत झंझरी टोल में जमीन चिन्हित कर स्कूल खोले जाने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे परिषद के द्वारा मंजूरी दे दी गई। अब वहां स्कूल संचालन का रास्ता साफ़ हो गया है। स्कूल बन जाने से झंझरी टोल और उसके आस-पास के लोगों के बच्चों को घर के पास ही स्कूल की सुविधा मिलेगी ।




