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कलक्टर ने दक्षता, पारदर्शिता से कार्य करने के दिए निर्देश: बोले- हर प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण से समयबद्ध हो समाधान , फाइलों के निस्तारण में लाएं तेजी – Jodhpur News

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कलक्टर ने दक्षता, पारदर्शिता से कार्य करने के दिए निर्देश:  बोले- हर प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण से समयबद्ध हो समाधान , फाइलों के निस्तारण में लाएं तेजी – Jodhpur News

कलक्टर ने दक्षता, पारदर्शिता से कार्य करने के दिए निर्देश: बोले- हर प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण से समयबद्ध हो समाधान , फाइलों के निस्तारण में लाएं तेजी – Jodhpur News

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अधिकारियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक दक्षता, और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

जोधपुर में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अधिकारियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक दक्षता, उत्तरदायित्व और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्था क

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अग्रवाल ने कहा कि ई-फाइल प्रणाली और संपर्क पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल कार्यवाहियों का औपचारिक माध्यम नहीं, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन की रीढ़ हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक फाइल का निस्तारण समय-सीमा के भीतर हो और समाधान इस प्रकार हो कि आवेदक को संतोष मिले। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल आंकड़े नहीं, बल्कि परिणाम और संतोषजनक निष्कर्ष ही प्रशासन की सफलता का मापदंड हों।

लंबित प्रकरणों के निस्तारण में लाएं ठोस परिणाम बैठक में लंबित शिकायतों, विशेषकर जनसुनवाई, मुख्यमंत्री कार्यालय, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ, मानवाधिकार आयोग तथा न्यायालयों से संबंधित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने इन मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और दस्तावेजीकृत कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि बार-बार की याद दिलाने वाली प्रवृत्ति पर अंकुश लगे, इसके लिए प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग जरूरी है।

जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल व अन्य अधिकारी।

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विभागीय समन्वय को बनाएं योजनाओं के क्रियान्वयन की आधारशिला अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव तभी दिखेगा जब विभागों के बीच सशक्त समन्वय होगा। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल कागजों में नहीं, ज़मीन पर दिखाई दें,इसके लिए संबंधित अधिकारी क्षेत्र में जाकर वस्तुस्थिति देखें और रियल टाइम प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

प्रत्येक अधिकारी अपनाए ‘प्रो-एक्टिव अप्रोच’ जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी की कार्यशैली में “प्रो-एक्टिव अप्रोच” झलके। केवल फॉलोअप तक सीमित न रहते हुए पहल करके समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता, दोनों का समन्वय ही प्रशासनिक उत्कृष्टता का मार्ग प्रशस्त करता है।

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रथम) जवाहर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (द्वितीय) सुरेन्द्र राजपुरोहित सहित सभी जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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