पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल 3 घंटे हिरासत में रहे: SAD अध्यक्ष बोले- केजरीवाल ने पंजाब पर कब्जा किया; मजीठिया का रिमांड 4 दिन बढ़ा – Mohali News h3>
मोहाली में पुलिस हिरासत में लिए गए सुखबीर बादल, सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के बाहर लगाई गई तिरपाल।
पंजाब में आय से अधिक संपत्ति केस में पकड़े गए पूर्व मंत्री व सीनियर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया की रिमांड बढ़ा दी गई है। विजिलेंस ने मोहाली कोर्ट में बताया कि जांच के दौरान कई अहम सवालों पर मजीठिया सहयोग नहीं कर रहे हैं। एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा कि
.
करीब 4 घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने चार दिन का रिमांड मंजूर कर लिया और अगली पेशी 6 जुलाई को होगी। इस दौरान अदालत परिसर को पूरी तरह घेरा गया था। मीडिया को दूर रखने के लिए जहां गाड़ियों की बैरिकेडिंग की गई, वहीं कोर्ट के चारों ओर तिरपाल लगाकर हर दिशा से दृश्यता बंद कर दी गई।
इससे पहले कोर्ट में पेशी के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया था। मजीठिया की गिरफ्तारी के विरोध में अकाली दल के प्रधान व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल समर्थकों संग मोहाली पहुंच गए। कोर्ट की तरफ आते देख पुलिस ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान सुखबीर बादल और पंजाब पुलिस के अधिकारियों से जमकर बहस हुई। पुलिस ने उन्हें कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से वह कोर्ट की तरफ नहीं जा सकते। इसके बाद अकाली वर्कर भड़क उठे। बादल ने इस दौरान आरोप लगाए कि पंजाब के पूरे तंत्र को अरविंद केजरीवाल ने अपने कब्जे में ले लिया है। सब कुछ उनके इशारों पर ही हो रहा है।
बता दें कि मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके घर से पकड़ा गया था। उन पर आय से 540 करोड़ रुपए ज्यादा की संपत्ति रखने का आरोप है। विजिलेंस को गिरफ्तारी के बाद मजीठिया की 7 दिन की रिमांड मिली थी। इसके बाद आज उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। विजिलेंस ने कहा कि मजीठिया सहयोग नहीं कर रहे, इसलिए उनकी और रिमांड दी जाए।
मजीठिया को लेकर कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जाती पुलिस की टीम।
सरकारी वकील ने कहीं 4 अहम बातें…..
1. शिमला की संपत्ति का गलत ब्योरा सरकारी वकील प्रीत इंदर पाल सिंह ने कोर्ट को बताया कि मजीठिया ने अपनी शिमला स्थित संपत्ति की जानकारी अधूरी दी थी। पुलिस जांच और दस्तावेजों से यह बात सामने आई कि डीड में दर्ज विवरण और वास्तविक स्थिति में फर्क है। इसी वजह से मजीठिया को जांच के दौरान शिमला ले जाया गया और यह तथ्य अदालत में पेश किए गए।
2. गोरखपुर और दिल्ली की प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी सरकारी वकील ने कहा कि जांच में सामने आया है कि मजीठिया की कुछ संपत्तियां गोरखपुर में भी हैं। इसके अलावा दिल्ली में ‘सैनिक फॉर्म’ नाम से एक फार्महाउस है, जिसे पहले नीलाम किया गया था लेकिन बाद में मजीठिया के पिता द्वारा दोबारा खरीदा गया। यह लेन-देन उस समय हुआ जब मजीठिया पंजाब सरकार में मंत्री थे।
3. संपत्तियों के मामलों में पूरे परिवार की मिलीभगत कोर्ट को बताया गया कि जालंधर में ‘ग्रीन एवेन्यू’ नाम की एक सोसाइटी विकसित की गई है, जिसमें मजीठिया की पत्नी की 25% हिस्सेदारी है। वहीं, सैनिक फॉर्म की मौजूदा कीमत सैकड़ों करोड़ आंकी गई है। सरकारी वकील के अनुसार, जब कोर्ट में दस्तावेज पेश किए गए तो यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियों के मामलों में पूरे परिवार की मिलीभगत रही है।
4. पैसा सिर्फ ड्रग्स से नहीं, अन्य स्रोतों से भी पहुंचा सरकारी वकील ने कहा कि मजीठिया को जो पैसा मिला, वह केवल ड्रग्स से नहीं जुड़ा। कई और चैनलों से पैसा सर्कुलेट होकर उनके पास पहुंचा है। यह रकम केवल खातों के जरिए नहीं आई, बल्कि अलग-अलग तरीकों से ट्रांसफर हुई। बाकी स्रोतों की जांच अभी जारी है और आगे खुलासे होंगे।
सुनवाई के बाद मीडिया को जानकारी देते सरकारी वकील प्रीत इंदर पाल सिंह।
मजीठिया के वकील ने क्या कहा…
- सरकार घबराहट में, लोकतंत्र दबाया जा रहा: बिक्रम मजीठिया के वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने राज्य में आपातकाल जैसे हालात बना दिए हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल के कई नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया। कोर्ट में दलील देते हुए वकील ने कहा कि यह सब इस बात का संकेत है कि सरकार विपक्ष से डरी हुई है और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रही है।
- विजिलेंस कोई नया तथ्य नहीं दे पाई: वकील ने कोर्ट में कहा कि पंजाब की विजिलेंस ब्यूरो अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी है। हिमाचल, मजीठा और चंडीगढ़ तक टीमें भेजी गईं, लेकिन वहां से कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बावजूद अब गोरखपुर की नई कहानी बनाई जा रही है, जबकि वहां जाने का कोई ठोस आधार नहीं है।
- गोरखपुर कनेक्शन और संपत्तियों पर सफाई: वकील ने कहा कि जिस सराया इंडस्ट्री का जिक्र किया गया है, उसमें मजीठिया का कोई आधिकारिक रोल नहीं है। उन्होंने न कभी गोरखपुर दौरा किया, न ही किसी पद पर रहे हैं। मजीठिया की जितनी भी संपत्तियों की बात कोर्ट में की गई है, वे सभी घोषित आय के दायरे में आती हैं। कोई भी अघोषित रकम या अवैध निवेश अब तक साबित नहीं हो पाया।
सुखबीर बादल ने हिरासत से VIDEO जारी किया…
- केजरीवाल ने पूरे पंजाब पर कब्जा किया: सुखबीर बादल को पुलिस ने करीब 3 घंटे तक हिरासत में रखा जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया, हालांकि पुलिस हिरासत से उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा- पंजाब की जनता से मैं आग्रह करना चाहता हूं कि पूरे पंजाब पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कब्जा कर लिया है। अकाली दल और उनके वर्करों से केजरीवाल इतना डर गए हैं कि शहरों और गांवों में अकाली दल नेताओं को उन्हें के घरों में कैद करके रखा गया।
- पंजाब से केजरीवाल 10 हजार करोड़ इकट्ठा करना चाहते हैं: सुखबीर बादल ने आगे कहा- पंजाब के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारियों को छीनने की कोशिश की जा रही है। पंजाबियों को बताना चाहता हूं कि हम लोगों को इकट्ठा होना पड़ेगा और केजरीवाल से पंजाब को आजाद करना है। बादल ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल का टारगेट है कि आने वाले 1.5 साल में 10 हजार करोड़ रुपए इकट्ठा करना चाहते हैं। मगर हम अकाली दल के वर्कर ऐसा नहीं होने देंगे।
- अधिकारी की नियुक्ति के पैसे ले रही AAP सरकार: सुखबीर बादल ने कहा कि SSP लगाने से लेकर हर तरह से अधिकारी मुलाजिम को लगाने के लिए सरकार पैसा ले रही है। पंजाब के ऐसे हालत बन गए हैं कि राज्य सरकार धक्केशाही करने पर उतर आई है। पंजाब के लोग ऐसे हैं, अगर AAP को 92 सीट दिलवा सकते हैं, तो अगली बार उनकी सभी सीटों पर जमानत भी जब्त करवा सकते हैं।
मोहाली जाने की कोशिश करते अकाली वर्करों काे हिरासत में लेती पुलिस।
मजीठिया को हिमाचल भी ले गई थी विजिलेंस पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को 25 जून को अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू से गिरफ्तार किया गया था। उनके घर से पुलिस ने 20 से ज्यादा डिजिटल डिवाइस और 2 डायरियां बरामद की गईं थी। अमृतसर से उन्हें सीधा मोहाली विजिलेंस ऑफिस लाया गया और कोर्ट में पेश कर सात दिनों का रिमांड हासिल किया गया। मजीठिया की पूछताछ के बाद 30 जून को विजिलेंस की टीम मजीठिया को लेकर हिमाचल के शिमला में पहुंची थी। वहां से उन्हें कुछ बरामद नहीं हुआ, विजिलेंस ने कहा था कि मजीठिया ने जांच में सहयोग नहीं किया।
मजीठिया की पेशी पर हंगामे से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
