मैनपुरी में पुलिस-सेना भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा: तीन शादी कर चला रहा था ठगी का नेटवर्क; दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार – Mainpuri News h3>
मैनपुरी8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में बिधूना चौराहे पर “भारतीय पुलिस प्रोटेक्शन फोर्स” नाम की फर्जी संस्था के नाम पर एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया। कुर्रा थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी अरविंद कुमार पांडेय ने सेना व पुलिस में भर्ती का झांसा देकर देशभर के युवाओं से लाखों रुपए की ठगी की।
पुलिस ने अरविंद और उसकी महिला मित्र सुमित्रा सेनापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं।
तीन महिलाओं से की शादी, एक करती थी फर्जीवाड़े में मदद
अरविंद ने फर्जी पहचान के सहारे तीन महिलाओं से विवाह किया। पहली पत्नी मैनपुरी में, दूसरी पत्नी फरीदाबाद में रहती है। जबकि तीसरी पत्नी, जो हमेशा उसके साथ रहती थी। फर्जीवाड़े का संचालन करती थी।वहीं वर्तमान में जेल में है।
Advertising
कोचिंग सेंटर के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी
अरविंद ने युवाओं को पुलिस और सेना में भर्ती कराने का लालच देकर उन्हें प्रशिक्षण देने का झांसा दिया। फर्जी संस्था के बैनर तले मैनपुरी के बिधूना चौराहे पर एक ट्रेनिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।
प्रकाश नाम का कोषाध्यक्ष फरार
गिरोह का अहम सदस्य प्रकाश, जो संस्था में कोषाध्यक्ष की भूमिका में था। अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सोशल मीडिया पर इस गिरोह के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं। वहीं, जिस वेबसाइट के जरिए युवाओं से ठगी की जा रही थी। उसे अब बंद कर दिया गया है। हालांकि उनका सोशल मीडिया चैनल अभी भी सक्रिय है। उस पर सैकड़ों वीडियो अपलोड हैं।
‘रक्षा मंत्रालय से संबंध’ का दावा कर बनाया लोगों को शिकार
अरविंद खुद को रक्षा मंत्रालय से जुड़ा और मंत्री राजनाथ सिंह से नजदीकी रखने वाला बताता था। बिधूना चौराहे पर ट्रेनिंग सेंटर के लिए अनिल कुमार सिंह से जमीन किराए पर ली गई थी।
अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हमसे कहा गया था कि यहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। कोचिंग मिलेगी और यहां के युवाओं का विकास होगा। ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत 1 जनवरी 2024 से हुई थी। हमने एग्रीमेंट करके साल भर के लिए एक लाख रुपए में जमीन दी थी। मैं तो केवल एक बार अरविंद से मिला हूं। वह गाड़ी से रौब के साथ आया था और दावा किया था कि उसके रक्षा मंत्रालय से संपर्क हैं।
हमें तब पता चली खबरें देखीं। बताया गया कि तेलंगाना से आए युवाओं से ठगी की गई है। तब जाकर पता चला कि संस्था और ट्रेनिंग सेंटर फर्जी हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्य भी कानून की गिरफ्त में होंगे।
उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar Pradesh News
मैनपुरी8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में बिधूना चौराहे पर “भारतीय पुलिस प्रोटेक्शन फोर्स” नाम की फर्जी संस्था के नाम पर एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया। कुर्रा थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी अरविंद कुमार पांडेय ने सेना व पुलिस में भर्ती का झांसा देकर देशभर के युवाओं से लाखों रुपए की ठगी की।
पुलिस ने अरविंद और उसकी महिला मित्र सुमित्रा सेनापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं।
तीन महिलाओं से की शादी, एक करती थी फर्जीवाड़े में मदद
अरविंद ने फर्जी पहचान के सहारे तीन महिलाओं से विवाह किया। पहली पत्नी मैनपुरी में, दूसरी पत्नी फरीदाबाद में रहती है। जबकि तीसरी पत्नी, जो हमेशा उसके साथ रहती थी। फर्जीवाड़े का संचालन करती थी।वहीं वर्तमान में जेल में है।
कोचिंग सेंटर के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी
अरविंद ने युवाओं को पुलिस और सेना में भर्ती कराने का लालच देकर उन्हें प्रशिक्षण देने का झांसा दिया। फर्जी संस्था के बैनर तले मैनपुरी के बिधूना चौराहे पर एक ट्रेनिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।
प्रकाश नाम का कोषाध्यक्ष फरार
गिरोह का अहम सदस्य प्रकाश, जो संस्था में कोषाध्यक्ष की भूमिका में था। अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सोशल मीडिया पर इस गिरोह के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं। वहीं, जिस वेबसाइट के जरिए युवाओं से ठगी की जा रही थी। उसे अब बंद कर दिया गया है। हालांकि उनका सोशल मीडिया चैनल अभी भी सक्रिय है। उस पर सैकड़ों वीडियो अपलोड हैं।
‘रक्षा मंत्रालय से संबंध’ का दावा कर बनाया लोगों को शिकार
अरविंद खुद को रक्षा मंत्रालय से जुड़ा और मंत्री राजनाथ सिंह से नजदीकी रखने वाला बताता था। बिधूना चौराहे पर ट्रेनिंग सेंटर के लिए अनिल कुमार सिंह से जमीन किराए पर ली गई थी।
अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हमसे कहा गया था कि यहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। कोचिंग मिलेगी और यहां के युवाओं का विकास होगा। ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत 1 जनवरी 2024 से हुई थी। हमने एग्रीमेंट करके साल भर के लिए एक लाख रुपए में जमीन दी थी। मैं तो केवल एक बार अरविंद से मिला हूं। वह गाड़ी से रौब के साथ आया था और दावा किया था कि उसके रक्षा मंत्रालय से संपर्क हैं।
हमें तब पता चली खबरें देखीं। बताया गया कि तेलंगाना से आए युवाओं से ठगी की गई है। तब जाकर पता चला कि संस्था और ट्रेनिंग सेंटर फर्जी हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्य भी कानून की गिरफ्त में होंगे।


