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बोले परीक्षा िनयंत्रक- कम हाजिरी पर िशक्षक डांटे तो झूठी कहानी रची – Muzaffarpur News

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बोले परीक्षा िनयंत्रक- कम हाजिरी पर िशक्षक डांटे तो झूठी कहानी रची – Muzaffarpur News

बोले परीक्षा िनयंत्रक- कम हाजिरी पर िशक्षक डांटे तो झूठी कहानी रची – Muzaffarpur News

^स्नातक थर्ड सेमेस्टर की छात्रा है। क्लास में उपस्थिति 75 फीसदी से कम होने पर शिक्षक ने परीक्षा मंे शामिल नहीं करने की चेतावनी दी थी। मामला प्राचार्य के यहां पहुंचने पर उसके पैरेंट्स को बुलाया गया था। गुरुवार को वह पैरेंट्स के बजाय दो अन्य लोगों को ल

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-डॉ. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, आरडीएस।

क्राइम रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ… यह सरकार का नारा है। लेकिन, सही मायने में यह आज भी मुश्किल है। ये बातें गुरुवार को शहर में इसलिए चर्चा में रहीं कि शहर के प्रतिष्ठित आरडीएस कॉलेज की लाइब्रेरी में छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया। इतना ही नहीं शिकायत पर कॉलेज प्रबंधन ने मामले को झुठला िदया। पीड़िता ने आरोप कॉलेज के ही एक सीनियर शिक्षक पर लगाया है। गुरुवार को जब वह शिकायत करने प्राचार्य कक्ष में पहुंची तो शिक्षकों की भीड़ जुट गई। उसे न्याय दिलाने की बात तो दूर, किसी ने उसकी शिकायत तक नहीं सुनी। बल्कि, दबाव बनाने के लिए उसे वहां बंधक भी बनाया गया। इससे वह और डर गई। डॉयल 112 पर सूचना देने के साथ ही उसने पुलिस अधिकारी को फोन किया। लेकिन, छात्रा ने सामने से जवाब सुनकर न्याय की उम्मीद ही छोड़ दी है। कहा िक पुलिस अधिकारी को उसने घटना की जानकारी दी तो उधर से जवाब मिला कि दरवाजा खुल जाएगा, मर थोड़े ही रही हो।

छात्रा का आरोप तो यह भी है कि गुरुवार को उसने शिकायत की तो मुजफ्फरपुर आने पर हत्या तक की धमकी दी गई। बताया कि बीते शनिवार को जब वह परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज पहुंची, तो एक प्रोफेसर ने उसे किताब दिलाने के बहाने लाइब्रेरी में बुलाया और छेड़खानी की। अचानक हुई उस घटना से वह घबरा गई और किसी से कुछ कहे बिना वहां से लौट गई। छात्रा मूल रूप से शिवहर जिले की है और पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में रहती है। उसके पिता मुजफ्फरपुर में एक गैस एजेंसी में कार्यरत हैं। छात्रा ने बताया कि इस घटना के सदमे से उबरने में उसे दो-तीन दिन लग गए। िफर उसने हिम्मत जुटाई और अपने एक शिक्षक के साथ कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत करने पहुंची। लेकिन, वहां प्रिंसिपल समेत अन्य शिक्षक उसे ही दोषी ठहराने लगे। जब वह कॉलेज से बाहर निकलने लगी, तो मुख्य गेट बंद कर उसे जबरन रोका गया। इससे वह पूरी तरह घबरा गई। उधर, इस घटना को लेकर कॉलेज में घंटों हंगामे की स्थिति बनी रही। छात्रा के समर्थन में आए कुछ छात्रों से मारपीट कर धमकी दी गई। पीड़िता ने कहा कि ऐसा माहौल बना दिया गया कि वह डरकर चुप हो जाए और बिना शिकायत किए लौट जाए। हुआ भी वही। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाई। इसलिए वह वहां से िनकलकर िफर पटना लौट गई।

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