बारां जिला अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन: गलत इंजेक्शन लगाने से हुई गर्भवती महिला की मौत, डॉक्टर पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग – Baran News h3>
डिलीवरी के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से गर्भवती महिला की मौत के बाद लोग जिला अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन करने लगे।
बारां जिला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के रेफर करने पर कोटा ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया। कोटा में पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव बारां अस्पताल लेकर आ रहे थे, लेकिन एम्बुलेंस को कोटा
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नोकझोंक के बाद पुलिस ने एम्बुलेंस को अस्पताल जाने दिया। इसके बाद परिजनों ने दोषी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई और 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शव को बारां जिला अस्पताल ले जाने को लेकर पुलिस और परिजनों की नोकझोंक हुई।
जानकारी के अनुसार सत्संग भवन गली निवासी कोनिका पत्नी लेखराज शर्मा को प्रसव पीड़ा के चलते शुक्रवार को जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु विभाग में भर्ती कराया गया था। लेबर रूम में डिलीवरी की प्रक्रिया के दौरान चिकित्सकों द्वारा दिए गए इंजेक्शन के बाद कोनिका की हालत अचानक बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे कोटा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।
रविवार को कोटा में पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन एम्बुलेंस से शव बारां जिला अस्पताल लेकर आ रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें कोटा रोड ओवर ब्रिज के पास रोक लिया। इस घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस शव को सीधे श्मशान ले जाना चाहती थी, जबकि परिजन पहले जिला अस्पताल ले जाना चाहते थे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को एम्बुलेंस को अस्पताल जाने की अनुमति देनी पड़ी। सैकड़ों लोग पैदल चलकर नारेबाजी करते हुए अस्पताल पहुंचे और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही चिकित्सकों को मरीज की एलर्जी के बारे में सूचित कर दिया था। फिर भी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने लापरवाही बरतते हुए इंजेक्शन दे दिया, जिससे प्रसूता के बेहोश होने के बाद मौत हो गई। इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन ने मौत के बाद परिजनों को गुमराह करते हुए मरीज को कोटा रेफर कर दिया।
आक्रोशित परिजन लापरवाह चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए के मुआवजे की भी मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल रोड को जाम कर दिया है और न्याय मिलने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।



