अभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीका h3>
अभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीकाअभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीकाअभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा…
Newswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफWed, 23 Oct 2024 04:46 PM
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अभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीका पहले करानी होगी मवेशियों की ईयर टैगिंग, उसके बाद दिया जाएगा टीका लगाये गये 244 टीकाकर्मी, मॉनिटरिंग के लिए प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारी फोटो मवेशी : बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले के खटाल में टीकाकारण अभियान की शुरुआत करतीं मेयर अनीता देवी व अन्य। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। पालतु मवेशियों (गाय और भैंस) को मुंहपका व खुरहा (एफएमडी-फुट एंड माउथ डिजीज) बीमारी से बचाव के लिए बुधवार से जिले में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। चार लाख 86 हजार 200 मवेशियों को टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। शर्त यह भी लगायी है कि बिना ईयर टैगिंग वाले मवेशियों को टीका नहीं दिया जाएगा। पालक पहले मवेशियों की टैगिंग कराएंगे ,उसके बाद ही टीका दिला सकेंगे। बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले में नगर निगम की मेयर अनीता देवी ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अभियान की सफलता में सक्रिय रूप से सहयोग दें और किसानों को अपने मवेशियों का टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। जबकि, डीएम शशांक शुभंकर और नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा ने मुख्यालय से बाहर रहने के कारण अभियान की सफलता का संदेश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया है। शुभारंभ के मौके पर अभियान के जिला नोडल पदाधिकारी, डॉ ललन कुमार, बिहारशरीफ नगर क्षेत्र के नोडल पदाधिकारी डॉ अंजनी कुमार एवं अन्य मौजूद थे। घर-घर जाएंगे वैक्सिनेटर, नि:शुल्क लगेगा टीका: जिला पशुपालन पदाधिकारी डा रमेश कुमार ने बताया कि डोर-टू-डोर वैक्सिनेटर जाएंगे तथा ईयर टैगिंग कराये मवेशियों को नि:शुल्क टीका लगायेंगे। जिन मवेशियों की टैगिंग नहीं हुई, उसे पालकों की सहमित से टीका देने से पहले टैगिंग भी करेंगे। प्रत्येक मवेशी के टीकाकरण के लिए टीकाकर्मियों को पांच रुपया और ईयर टैगिंग के लिए 3.50 रुपया मानदेय दिया जाएगा। टीकाकरण और टैगिंग का पूरा डेटा ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, और केवल अपलोड किए गए डेटा के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। अभियान के तहत जिले में 244 टीकाकर्मी को लगाया गया है। एक माह बाद बूस्टर खुराक भी जाएगी : उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान टीका चार माह से ऊपर के गौ एवं भैंस जाति के पशुओं को लगाये जाएंगे। खास यह कि जिन पशुओं को पहली बार एफएमडी का टीका लगाया जाएगा, वैसे चिह्नित मवेशियों को एक माह के बाद बूस्टर खुराक भी दी जाएगी। इससे उन मवेशियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर होगी। बीमारियों से बचाव होगा। चलाया जागरूकता अभियान : पशुपालन विभाग की टीम द्वारा सिलाव प्रखंड की पावाडीह पंचायत में पशुपालकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। पालकों को टीका और ईयर टैग लगाने के फायदे बताये गये। जिले के सभी 20 प्रखंडों में मोबाईल वेटरिनरी यूनिट कार्यरत है। इन्हें भी टीकाकरण के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। जानलेवा बीमारी है खुरहा-मुंहपका : डॉ. ललन कुमार बताते हैं कि खुरहा और मुंहपका तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रामक रोग है। इस रोग में पशु को तेज फीवर होता है तथा मुंह व खुर में छाले पड़ जाते हैं। तेज बुखार आना, मुह और खुरों में छला होना, पशु को सुस्त रहना, जुगाली करना बंद देना, खाना नहीं खाना आदि बीमारी के मुख्य लक्ष्ण हैं।
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अभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीकाअभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीकाअभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा…
अभियान शुरू, खुरहा व मुंहपका से बचाव को 4.86 लाख पशुओं को लगेगा टीका पहले करानी होगी मवेशियों की ईयर टैगिंग, उसके बाद दिया जाएगा टीका लगाये गये 244 टीकाकर्मी, मॉनिटरिंग के लिए प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारी फोटो मवेशी : बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले के खटाल में टीकाकारण अभियान की शुरुआत करतीं मेयर अनीता देवी व अन्य। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। पालतु मवेशियों (गाय और भैंस) को मुंहपका व खुरहा (एफएमडी-फुट एंड माउथ डिजीज) बीमारी से बचाव के लिए बुधवार से जिले में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। चार लाख 86 हजार 200 मवेशियों को टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। शर्त यह भी लगायी है कि बिना ईयर टैगिंग वाले मवेशियों को टीका नहीं दिया जाएगा। पालक पहले मवेशियों की टैगिंग कराएंगे ,उसके बाद ही टीका दिला सकेंगे। बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले में नगर निगम की मेयर अनीता देवी ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अभियान की सफलता में सक्रिय रूप से सहयोग दें और किसानों को अपने मवेशियों का टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। जबकि, डीएम शशांक शुभंकर और नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा ने मुख्यालय से बाहर रहने के कारण अभियान की सफलता का संदेश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया है। शुभारंभ के मौके पर अभियान के जिला नोडल पदाधिकारी, डॉ ललन कुमार, बिहारशरीफ नगर क्षेत्र के नोडल पदाधिकारी डॉ अंजनी कुमार एवं अन्य मौजूद थे। घर-घर जाएंगे वैक्सिनेटर, नि:शुल्क लगेगा टीका: जिला पशुपालन पदाधिकारी डा रमेश कुमार ने बताया कि डोर-टू-डोर वैक्सिनेटर जाएंगे तथा ईयर टैगिंग कराये मवेशियों को नि:शुल्क टीका लगायेंगे। जिन मवेशियों की टैगिंग नहीं हुई, उसे पालकों की सहमित से टीका देने से पहले टैगिंग भी करेंगे। प्रत्येक मवेशी के टीकाकरण के लिए टीकाकर्मियों को पांच रुपया और ईयर टैगिंग के लिए 3.50 रुपया मानदेय दिया जाएगा। टीकाकरण और टैगिंग का पूरा डेटा ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, और केवल अपलोड किए गए डेटा के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। अभियान के तहत जिले में 244 टीकाकर्मी को लगाया गया है। एक माह बाद बूस्टर खुराक भी जाएगी : उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान टीका चार माह से ऊपर के गौ एवं भैंस जाति के पशुओं को लगाये जाएंगे। खास यह कि जिन पशुओं को पहली बार एफएमडी का टीका लगाया जाएगा, वैसे चिह्नित मवेशियों को एक माह के बाद बूस्टर खुराक भी दी जाएगी। इससे उन मवेशियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर होगी। बीमारियों से बचाव होगा। चलाया जागरूकता अभियान : पशुपालन विभाग की टीम द्वारा सिलाव प्रखंड की पावाडीह पंचायत में पशुपालकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। पालकों को टीका और ईयर टैग लगाने के फायदे बताये गये। जिले के सभी 20 प्रखंडों में मोबाईल वेटरिनरी यूनिट कार्यरत है। इन्हें भी टीकाकरण के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। जानलेवा बीमारी है खुरहा-मुंहपका : डॉ. ललन कुमार बताते हैं कि खुरहा और मुंहपका तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रामक रोग है। इस रोग में पशु को तेज फीवर होता है तथा मुंह व खुर में छाले पड़ जाते हैं। तेज बुखार आना, मुह और खुरों में छला होना, पशु को सुस्त रहना, जुगाली करना बंद देना, खाना नहीं खाना आदि बीमारी के मुख्य लक्ष्ण हैं।



