MLA भाटी बोले-मजदूर का हत्यारा है निरंकुश, तानाशाह प्रशासन: कहा-धरना स्थल पर तबीयत बिगड़ी, दो महीने से किसी ने सुध नहीं ली – Barmer News h3>
बाड़मेर के गिरल में माइंस के खिलाफ चल रहे धरने के दौरान एक मजदूर की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया- मजदूर पिछले दो महीने से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्र
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दो महीने से धरना, तबीयत बिगड़ने के बाद मौत गिरल गांव में बीते 2 माह से मजदूर अपनी मांगों को लेकर माइंस के आगे धरने पर बैठे हैं। इसी दौरान धरना स्थल पर बैठे मजदूर जैसाराम की रात को अचानक तबीयत बिगड़ गई।
तबीयत बिगड़ने के बाद जैसाराम को पहले भाडखा हॉस्पिटल लेकर गए, वहां से बाड़मेर लेकर आए। इस दौरान एंबुलेंस और किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिली, बड़ी मुश्किल से भाडखा तक लेकर आए।
बाड़मेर अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।
एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत का कहना है कि मॉर्च्युरी स्थल पर टीम पहुंची है और जांच करवा रहे हैं कि मौत कैसे हुई है, इसके बाद ही बता पाएंगे।
घटना के बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, परिजन व ग्रामीण हॉस्पिटल पहुंचे और धरने पर बैठ गए हैं। एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत व तहसीलदार धरना स्थल पर पहुंचे हैं।
धरना स्थल पर एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत और तहसीलदार पहुंचे।
विधायक के आरोप और पूरे मामले पर गंभीर बयान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक माह से मैं भी धरना स्थल पर बैठा हूं, जैसाराम भी लंबे समय से धरना स्थल पर बैठा था। प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है, निरंकुश और तानाशाही रवैये के कारण आज उनकी मौत हुई है और गरीब मजदूर जैसाराम की हत्या प्रशासन ने की है, इनके दो बच्चे हैं।
विधायक ने कहा- यहां के लोग बीते 30 सालों से आवाज उठा रहे हैं, कोई सुनने नहीं आया, हम लोग अगर साथ में नहीं आते तो यहां किसी गरीब मजदूर को कोई नहीं रहने देता। धरना स्थल पर रहते मेरी और कई मजदूरों की तबीयत पहले भी बिगड़ चुकी है, वहीं डॉक्टर बुलाकर इलाज करवाया गया था। वे बीते एक माह से धरने पर हैं और इन परिवारों के साथ हैं, यह राजनीति का विषय नहीं बल्कि इनके सम्मान की बात है, इनकी मांग रोजगार की है, वाजिब मांगे हैं, सरकार का कोई नुमाइंदा नहीं आया।
उन्होंने आरोप लगाया कि खुलेआम पिस्तौल घुमाई गई, जिसको लेकर प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, आज यह स्थिति पैदा हुई है इसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह सिस्टम की ओर से की गई हत्या है, इनको जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भाटी का आरोप है कि दो माह से धरना स्थल पर तहसीलदार, एसडीएम समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी नहीं आए, कोई जिम्मेदार व्यक्ति गिरल गांव में आकर मजदूरों की बात को नहीं सुना, एक विधायक को मजदूरों की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के अंदर पेट्रोल छिड़कना पड़े, उसके बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
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