प्रशासकीय भवन व सम्राट अशोक भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराए जिला प्रशासन h3>
लीड पेज 5:::::::::बोर्ड की बैठक कुल 37 वार्डों से प्राप्त 96 योजनाओं को दी गई प्रशासनिक स्वीकृति राज्य योजना के तहत 10 योजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा गया फोटो नं. 16, बीहट नगर परिषद कार्यालय के सभा
Newswrap हिन्दुस्तान, बेगुसरायMon, 30 Sep 2024 02:29 PM
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बीहट, निज संवाददाता। बीहट नगर परिषद कार्यालय के सभागार में सोमवार को सामान्य बोर्ड की बैठक में सभी 37 वार्डों से चयनित कुल 96 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई तथा तकनीकी स्वीकृति के लिए नगर विकास प्रमंडल के कार्यपालक अधिकारी के पास भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद बबीता देवी ने की। बैठक में बीहट नगर परिषद के प्रशासकीय भवन तथा सम्राट अशोक भवन के लिए जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखने का भी निर्णय लिया गया। कई वार्डों को जोड़ने वाली बीहट नगर परिषद की 10 बड़ी सड़कों के निर्माण के लिए राज्य योजना की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि 10 बड़ी सड़कों के निर्माण पर तकरीबन 10 करोड़ रूपये खर्च होंगे। प्रत्येक वार्ड में करीब 30 से लाख रूपये से नाला तथा सड़क का निर्माण कार्य होना है। नगर विकास विभाग के द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में विस्तारित क्षेत्र में स्ट्रीट लगाने का काम भी बहुत जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया। पूर्व से अधिष्ठापित हाईमास्ट लाइट के मामले की जांच कर उसकी मरम्मत करवाने का भी निर्णय लिया गया। शहर के सौन्दर्यीकरण को लेकर जिलाधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में नगर परिषद के विभिन्न चौक-चौराहे से लेकर सीमा क्षेत्र में ग्लो साइन बोर्ड लगाने का भी सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। वार्ड पार्षदों के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों से नाजायज वसूली का मामला उठाने पर सीडीपीओ से इस बाबत स्पष्टीकरण पूछने का भी निर्णय लिया गया। नल जल योजनाओं की देखरेख में लापरवाही बरतने वाले संवेदक को ब्लैकलिस्टेड करने तथा विभागीय स्तर से देखरेख व मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया। दुर्गापूजा पंडालों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा सिमरिया गंगा तट पर साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त आवंटन देने की मांग नगर विकास एवं आवास विभाग से करने का भी निर्णय लिया गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि सिमरिया गंगा तट पर कार्तिक कल्पवास मेले की तैयारी को लेकर भी वार्ड पार्षदों से विचार विमर्श किया गया। छठ पर्व के मद्देनजर छठ घाटों के सौन्दर्यीकरण समेत अन्य कई अन्य निर्णय भी सर्वसम्मति से लिए गये। सात महीने के अंतराल पर हुई बैठक वार्ड पार्षदों के द्वारा तय समय सीमा के भीतर बैठक बुलाने की भी मांग की गई। आज से पूर्व सामान्य बोर्ड की बैठक बजट को लेकर 2 मार्च को ही हुई थी। करीब सात महीने के अंतराल पर नप के सामान्य बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में कार्यपालक अधिकारी प्रथमा पुष्पांकर, सांख्यिकी अधिकारी पंकज कुमार, कल्याण अधिकारी बैजू पासवान, कृषि अधिकारी विजय कुमार सिंह, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, नगर स्वच्छता अधिकारी प्रदीप कुमार, स्वच्छता निरीक्षक मो. नदीम, जेई रंधीर कुमार चौधरी समेत कुल 37 वार्ड पार्षदों में 31 वार्ड पार्षद मौजूद थे। बैठक में नहीं पहुंचे सांसद, विधायक व विधान पार्षद बताया गया है कि बीहट नगर परिषद सामान्य बोर्ड की बैठक में स्थानीय सांसद सह केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, विधान पार्षद सर्वेश कुमार तथा तेघड़ा विधायक रामरतन सिंह शामिल होने वाले थे। इसको लेकर नगर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क व मुस्तैद था। लेकिन, बैठक में न तो स्थानीय सांसद ही शरीक हुए और न विधान पार्षद व विधायक ही आए। बैठक में सांसद, विधान पार्षद तथा विधायक के शामिल होने की सूचना के मद्देनजर कई अधिकारी पहली बार बैठक में मौजूद दिखे। कार्यपालक अधिकारी प्रथमा पुष्पांकर ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारी को बैठक की सूचना दी जाती है लेकिन बैठक से विभिन्न विभागों के अधिकारी अक्सर नदारद रहते हैं।
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बीहट, निज संवाददाता। बीहट नगर परिषद कार्यालय के सभागार में सोमवार को सामान्य बोर्ड की बैठक में सभी 37 वार्डों से चयनित कुल 96 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई तथा तकनीकी स्वीकृति के लिए नगर विकास प्रमंडल के कार्यपालक अधिकारी के पास भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद बबीता देवी ने की। बैठक में बीहट नगर परिषद के प्रशासकीय भवन तथा सम्राट अशोक भवन के लिए जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखने का भी निर्णय लिया गया। कई वार्डों को जोड़ने वाली बीहट नगर परिषद की 10 बड़ी सड़कों के निर्माण के लिए राज्य योजना की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि 10 बड़ी सड़कों के निर्माण पर तकरीबन 10 करोड़ रूपये खर्च होंगे। प्रत्येक वार्ड में करीब 30 से लाख रूपये से नाला तथा सड़क का निर्माण कार्य होना है। नगर विकास विभाग के द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में विस्तारित क्षेत्र में स्ट्रीट लगाने का काम भी बहुत जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया। पूर्व से अधिष्ठापित हाईमास्ट लाइट के मामले की जांच कर उसकी मरम्मत करवाने का भी निर्णय लिया गया। शहर के सौन्दर्यीकरण को लेकर जिलाधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में नगर परिषद के विभिन्न चौक-चौराहे से लेकर सीमा क्षेत्र में ग्लो साइन बोर्ड लगाने का भी सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। वार्ड पार्षदों के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों से नाजायज वसूली का मामला उठाने पर सीडीपीओ से इस बाबत स्पष्टीकरण पूछने का भी निर्णय लिया गया। नल जल योजनाओं की देखरेख में लापरवाही बरतने वाले संवेदक को ब्लैकलिस्टेड करने तथा विभागीय स्तर से देखरेख व मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया। दुर्गापूजा पंडालों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा सिमरिया गंगा तट पर साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त आवंटन देने की मांग नगर विकास एवं आवास विभाग से करने का भी निर्णय लिया गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि सिमरिया गंगा तट पर कार्तिक कल्पवास मेले की तैयारी को लेकर भी वार्ड पार्षदों से विचार विमर्श किया गया। छठ पर्व के मद्देनजर छठ घाटों के सौन्दर्यीकरण समेत अन्य कई अन्य निर्णय भी सर्वसम्मति से लिए गये। सात महीने के अंतराल पर हुई बैठक वार्ड पार्षदों के द्वारा तय समय सीमा के भीतर बैठक बुलाने की भी मांग की गई। आज से पूर्व सामान्य बोर्ड की बैठक बजट को लेकर 2 मार्च को ही हुई थी। करीब सात महीने के अंतराल पर नप के सामान्य बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में कार्यपालक अधिकारी प्रथमा पुष्पांकर, सांख्यिकी अधिकारी पंकज कुमार, कल्याण अधिकारी बैजू पासवान, कृषि अधिकारी विजय कुमार सिंह, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, नगर स्वच्छता अधिकारी प्रदीप कुमार, स्वच्छता निरीक्षक मो. नदीम, जेई रंधीर कुमार चौधरी समेत कुल 37 वार्ड पार्षदों में 31 वार्ड पार्षद मौजूद थे। बैठक में नहीं पहुंचे सांसद, विधायक व विधान पार्षद बताया गया है कि बीहट नगर परिषद सामान्य बोर्ड की बैठक में स्थानीय सांसद सह केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, विधान पार्षद सर्वेश कुमार तथा तेघड़ा विधायक रामरतन सिंह शामिल होने वाले थे। इसको लेकर नगर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क व मुस्तैद था। लेकिन, बैठक में न तो स्थानीय सांसद ही शरीक हुए और न विधान पार्षद व विधायक ही आए। बैठक में सांसद, विधान पार्षद तथा विधायक के शामिल होने की सूचना के मद्देनजर कई अधिकारी पहली बार बैठक में मौजूद दिखे। कार्यपालक अधिकारी प्रथमा पुष्पांकर ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारी को बैठक की सूचना दी जाती है लेकिन बैठक से विभिन्न विभागों के अधिकारी अक्सर नदारद रहते हैं।





