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नावकोठी: पंचायत निधि से बने नाले से नहीं हो पा रहा जलजमाव का हल

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नावकोठी: पंचायत निधि से बने नाले से नहीं हो पा रहा जलजमाव का हल

नावकोठी: पंचायत निधि से बने नाले से नहीं हो पा रहा जलजमाव का हल

नावकोठी,निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में पंचायत निधि से बने नाले से जलजमाव का हल नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को हुई मूसलाधार वर्षा से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हसनपुर बागर मुखिया विजय पासवान ने बताया कि जलनिकासी नहीं होने से सड़कों पर झील का नजारा दिखता है। इतना ही नहीं, आने-जाने वालों को फजीहत का सामना करना पड़ता है। वर्षा के बाद प्रखंड की नौ पंचायतों में जलनिकासी की पोल खुल गयी है। पंचायत निधि से बने नाले भी जलजमाव का हल नहीं निकाल पा रहे हैं। जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। नावकोठी के रामचन्द्र साह, वार्ड सदस्य शत्रुघ्न कुमार ने बताया कि आयुर्वेदिक औषधालय जाने वाली सड़क में हनुमान मंदिर तक, सुरेश सहनी घर के नजदीक, बाजार में शिव मंदिर के आगे, पश्चिमी छोर से उत्तर जाने वाली सड़क में, सीताराम पुस्तकालय के सामने वाली सड़क पर जलजमाव से राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ती है। पहसारा के पूर्व मुखिया रवीन्द्र सिंह, घनश्याम कुमार ने बताया कि पहसारा-बगरस पथ के पहसारा स्थित कर्पूरी स्मारक के नजदीक, श्रीकृष्ण मंदिर से लेकर वृन्दावन सड़क तक जलजमाव की स्थिति भयावह हो जाती है। यहां से जलनिकासी नहीं होने से आवाजाही का संकट पैदा हो जाता है। इसी प्रकार हसनपुर बागर में कालीस्थान से आगे पूरब तरफ जलजमाव से लोग परेशान हो जाते हैं। बगरस में स्लुइस गेट के दोनों तरफ जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। छतौना में शिव मंदिर से लेकर पुल तक जाने वाली सड़क में, विश्व कर्मा नगर छतौना में शिव मंदिर से विमल महतो घर तक, जगदीपी पुस्तकालय, रजाकपुर में भगवती स्थान के नजदीक, बगरस में स्लुइस गेट के दोनों तरफ जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। समसा के पंसस गौतम गोस्वामी, धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि स्लुईस गेट के आगे से बगरस चौक तक घुटनाभर से ज्यादा जलजमाव हो जाता है। यहां का स्थायी जलजमाव लोगों के लिए रोजमर्रे की समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। गाड़ियां पानी में हिचकोले भरती जाती हैं। यहां दोनों तरफ जलजमाव की समस्या बनी हुई है। एक तरफ गांव के लोगों का घर ऊंचा कर लिया गया है तो दूसरी तरफ बूढ़ी गंडक नदी का बांध है। देवपुरा, हसनपुर बागर, नावकोठी मुस्लिम मोहल्ला में बारिश के जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ जाती हैं। सड़क पर जलजमाव से लोग आजिज हो गये हैं। इधर, नावकोठी पुस्तकालय चौक, थाना चौक से बाजार जाने वाली सड़क पर जलजमाव से लोगों को बाजार जाने-आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नावकोठी बाजार में शिव मन्दिर से राजेंद्र प्रसाद जायसवाल के घर तक स्थायी जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। छतौना के राजकुमार सिंह, जयशंकर सिंह आदि ने बताया कि छतौना पुल जाने वाली सड़क में भी जलजमाव होने से राहगीरों की फजीहत हो रही है। वर्षा से खेती-किसानी में फायदा वहीं, दूसरी तरफ इस वर्षा से किसान खुश हैं। फसलों के लिए यह वर्षा प्राण रक्षक है। धान की फसलें धूप में सूखने के कगार पर थीं। रजाकपुर के किसान अरविन्द कुमार, बबलू कुमार, बेगमपुर के किसान राजीव कुमार, विजय महतो आदि ने बताया कि मक्का की फसल में अब जान आ गयी है। वहीं, ईख की खेती करने वाले किसान अरविन्द सिंह, महेशवाड़ा के किसान संजय कुमार आदि ने बताया कि फसल वर्षा के बिना तरस रही थी। इधर, वर्षा से हो रहे जलजमाव यहां की अधिकांश सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। जलजमाव के कारण सड़कों की स्थिति नारकीय हो जाती है। रहुआ गांव की मुख्य सड़क जर्जर, जलजमाव से स्थिति नारकीय साहेबपुरकमाल, निज संवाददाता। प्रखंड के रहुआ गांव के मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर और बदहाल है। ऊपर से विगत दो दिनो से लगातार हो रही बारिश से उक्त मुख्य सड़क के अधिकांश हिस्सों में भीषण जलजमाव से लोगों पैदल आवागमन दुश्वार हो गया है। गांव की स्थिति नारकीय बन गयी है। लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर ग्रामीण कार्य विभाग उदासीन बनी हुई है। गांव निवासी सोनू कुमार, विवेक महतो, राजपति पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता शोभा देवी, जयवंती देवी, नरेश राय, महेश्वर राय, सहित ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बहुत पहले बनाया गया था। उक्त सड़क गांव के बीचोंबीच स्थित है। सड़क जबसे बनी है तब से आज तक उक्त सड़क की मरम्मती नहीं करायी गयी। अब सड़क के अधिकांश हिस्से गड्ढे में तब्दील हो चुका है। ऊपर से जलजमाव से गांव के लोगों सहित गांव आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों के कारण बाइक से आवागमन करने पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पैदल आवागमन में तो जमे पानी के बीच आना-जाना पडता है। लोग बताते हैं कि कामकाजी लोग तो किसी तरह से अपने कार्य के लिए आने-जाने को मजबूर हैं। विद्यालय जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्त सड़क की बदहाल हालत व मरम्मती में देरी के संबंध में पूछे जाने को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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