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नांगलोई हादसाः स्कूल से आकर लगाता था सब्जी की दुकान, ट्रक ने ले ली घर के कमाने वाले बच्चे की जान

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नांगलोई हादसाः स्कूल से आकर लगाता था सब्जी की दुकान, ट्रक ने ले ली घर के कमाने वाले बच्चे की जान

नांगलोई हादसाः स्कूल से आकर लगाता था सब्जी की दुकान, ट्रक ने ले ली घर के कमाने वाले बच्चे की जान

कमरुद्दीन नगर: ‘मणिराज, पिता की मौत के बाद से ही घर की जिम्मेदारियों को समझने लगा था। इसलिए वह स्कूल के साथ-साथ शाम को सब्जी की दुकान भी लगाता था। सोमवार को स्कूल जाने से पहले शाम को दुकान लगा सके, उसके लिए मंडी से सामान भी ले आया था। मैं भी मजदूरी के लिए सुबह ही घर से निकल गई थी। लेकिन यह किसी को नहीं पता था कि स्कूल की छुट्टी के बाद पहला दिन ही मणिराज का आखिरी दिन हो जाएगा।’ यह कहते हुए उसकी मां शीला देवी की आंखें भर आईं।शीला ने बताया कि एक साल पहले ही मेरे पति का देहांत हो गया था। उस समय मैं पूरी तरीके से टूट गई थी, लेकिन बेटे ने जिम्मेदारियों को समझते हुए शाम को स्कूल से आने के बाद सब्जियों की दुकान लगाना शुरू किया था। जिससे परिवार और मुझे सहारा मिला। लेकिन भगवान ने उसे भी छीन लिया। मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिला की रहने वाली शीला देवी ने बताया कि वह सहपरिवार पिछले करीब 20 सालों से यहीं यादव पार्क में किराए के मकान पर रहती हैं। परिवार में मणिराज के साथ ही दो छोटे बेटे हैं। वह भी पास के ही स्कूल में पढ़ाई के लिए जाते हैं। वे कहती हैं कि पहले मैं ही, उसे स्कूल छोड़ने के लिए जाया करती थी लेकिन बेटा कहने लगा कि अब मैं बड़ी क्लास में हो गया हूं, मैं बड़ा हो गया हूं। मैं अकेले ही जा सकता हूं। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से न्याय की अपील की है।

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पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

रोहतक रोड पर पीरागढ़ी से लेकर नांगलोई और घेवरा के रास्ते टिकरी बॉर्डर तक सड़क के दोनों तरफ बड़ी तादाद में कॉलोनियां बसी हुई हैं। पीरागढ़ी, कमरुद्दीन नगर, नांगलोई जेजे कॉलोनी, राजधानी पार्क, मुंडका, स्वर्ण पार्क में रहने वाले बच्चे आसपास के इन्हीं इलाकों में पढ़ने जाते हैं। इस सड़क पर महज दो ही फुटओवर ब्रिज बने हुए हैं। पिछले साल ही अप्रैल के महीने में उद्योग नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे ठीक इसी तरीके से सड़क पार कर रही तीन स्कूली छात्राओं को ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी साथ ही। उस समय भी स्थानीय लोगों ने फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग रखी थी, लेकिन उन मांगों के बावजूद अब तक प्रशासन के तरफ से इस सड़क पर कोई भी नया फुटओवर ब्रिज नहीं बनाया गया। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा, अशोक गर्ग और घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों ने कहा कि जिस जगह पर घटना हुई है। वहां पर ट्रैफिक सिग्नल लगने के बावजूद उसे कोई फॉलो नहीं करता है। जहां स्कूली बच्चों का आना जाना होता है। जब स्कूल शुरू होता है और छुट्टी के वक्त पुलिस की तैनाती भी नहीं रहती है। जिससे कि बच्चे सुरक्षित वहां पहुंच सके।

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