चार वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद नोएडा में सुपरटेक के विवादित एमरल्ड कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेकस में घर खरीदनेवाले लोगों को रिफंड मिलने जा रहा हैं। सुप्रीम कोर्ट नें सुपरटेक को 30 नवंबर तक 30 करोड़ रुपए जमा कराने के आदेश दिए हैं। इन लोगों को उनके निवेश का 12% का साधारण ब्याज भी दिया जाएगा। सुपरटेक पहले ही 20 करोड़ रुपए जमा करा चुका है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ नें दो किश्तों में 15 करोड़ रुपए और ब्याज का एक करोड़ रुपए जमा कराने को कहा हैँ।
होम बायर्स नें जमा किए ऐफिडेविट
जिन लोगों नें घर खरीदने के लिए पहले से ही पैसे जमा कराए है उन्होंने अपने पैसे वापस लेने के लिए ऐफिडेविट जमा करा लिया है। सुपरटेक को 135 लोगों के पैसे वापिस लोटाने है। जिसमें से 24 होम बायर्स 14 प्रतिशत की दर से ब्याज चाहते है। सुपरटेक की तरफ़ से खड़े वकील ने कोर्ट को आशवासन दिया है की उनकी कंपनी तय सीमा तक लोगों के सारे पैसे वापिस कर देखी।
बिल्डर समय पर घर नहीं देते हैं
बिल्डर समय सीमा से पहले लोगों को उनका घर नहीं देते हैं। इसी वजह से लोगों के पैसे घर खरीदने में अटक जाते हैं। बिल्डरों की मनमानी से लोग ही नहीं बल्कि स्थानिय प्रशासन और सरकारे भी परेशान रहती हैं। बिल्डर इस हद तक अपनी मनमानी करते है की अभी हाल ही में हुई बारिश के कारण बिलड़रों द्रारा बनाए गए घर तहस नहस हो गए।













