टूलकिट मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस का ऐक्शन, BJP नेता रमन सिंह को भेजा नोटिस h3>
टूलकिट मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमन सिंह के खिलाफ ऐक्शन लिया है। रायपुर पुलिस ने रमन सिंह को नोटिस भेजकर 24 मई को उनके आवास पर मौजूद रहने के लिए कहा है। पुलिस रमन सिंह से कथित फेक टूलकिट केस में बयान दर्ज करेगी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजेपी द्वारा टूलकिट संबंधित लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज की थी।
बीजेपी ने पिछले दिनों कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए एक टूलकिट तैयार किया था। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और जमकर कांग्रेस पर हमला बोला था। हालांकि, कांग्रेस ने ऐसी किसी भी टूलकिट से इनकार किया था और बीजेपी नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत व एफआईआर दर्ज करवाई थी। मुख्य विपक्षी पार्टी का कहना है कि बीजेपी ने जिस कथित टूलकिट के दस्तावेज जारी किए हैं वह फर्जी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
वहीं, बीजेपी नेता संबित पात्रा ने ट्विटर पर भी टूलकिट को लेकर कई ट्वीट्स किए थे, जिसके बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने उनके उस ट्वीट को मैन्युपुलेटेड मीडिया यानी गुमराह करने वाला बताया था। बाद में सरकार ने भी ट्विटर के पास इसे लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है। सूत्रों ने बताया है कि सरकार ने ट्विटर से कहा कि वह तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए मीडिया की श्रेणी टैग को हटाए क्योंकि मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष लंबित है। सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि है कि सोशल मीडिया मंच निर्णय नहीं दे सकता वह भी तब जब मामले की जांच जारी हो।
Raipur city police issues notice to BJP leader and former Chhattisgarh chief minister Raman Singh, asking him to remain present at his residence on May 24 for recording statement in alleged fake toolkit case: Official
— Press Trust of India (@PTI_News) May 21, 2021
सरकार ने ट्विटर से जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा। साथ ही सरकार ने कंपनी से कहा कि सत्यता का पता जांच से चलेगा न कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के माध्यम से। सरकार के हवाले से बताया कि ट्विटर द्वारा इस तरह की टैगिंग न्याय से पूर्व, पूर्वाग्रह और जानबूझकर स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसी की जांच प्रभावित करने की कोशिश है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर के इस कथित एकतरफा कदम को निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और अपनी सीमा का उल्लंघन करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि यह पूरी तरह से अवांछित था।
टूलकिट मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमन सिंह के खिलाफ ऐक्शन लिया है। रायपुर पुलिस ने रमन सिंह को नोटिस भेजकर 24 मई को उनके आवास पर मौजूद रहने के लिए कहा है। पुलिस रमन सिंह से कथित फेक टूलकिट केस में बयान दर्ज करेगी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजेपी द्वारा टूलकिट संबंधित लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज की थी।
बीजेपी ने पिछले दिनों कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए एक टूलकिट तैयार किया था। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और जमकर कांग्रेस पर हमला बोला था। हालांकि, कांग्रेस ने ऐसी किसी भी टूलकिट से इनकार किया था और बीजेपी नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत व एफआईआर दर्ज करवाई थी। मुख्य विपक्षी पार्टी का कहना है कि बीजेपी ने जिस कथित टूलकिट के दस्तावेज जारी किए हैं वह फर्जी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
वहीं, बीजेपी नेता संबित पात्रा ने ट्विटर पर भी टूलकिट को लेकर कई ट्वीट्स किए थे, जिसके बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने उनके उस ट्वीट को मैन्युपुलेटेड मीडिया यानी गुमराह करने वाला बताया था। बाद में सरकार ने भी ट्विटर के पास इसे लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है। सूत्रों ने बताया है कि सरकार ने ट्विटर से कहा कि वह तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए मीडिया की श्रेणी टैग को हटाए क्योंकि मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष लंबित है। सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि है कि सोशल मीडिया मंच निर्णय नहीं दे सकता वह भी तब जब मामले की जांच जारी हो।
Raipur city police issues notice to BJP leader and former Chhattisgarh chief minister Raman Singh, asking him to remain present at his residence on May 24 for recording statement in alleged fake toolkit case: Official
— Press Trust of India (@PTI_News) May 21, 2021
सरकार ने ट्विटर से जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा। साथ ही सरकार ने कंपनी से कहा कि सत्यता का पता जांच से चलेगा न कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के माध्यम से। सरकार के हवाले से बताया कि ट्विटर द्वारा इस तरह की टैगिंग न्याय से पूर्व, पूर्वाग्रह और जानबूझकर स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसी की जांच प्रभावित करने की कोशिश है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर के इस कथित एकतरफा कदम को निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और अपनी सीमा का उल्लंघन करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि यह पूरी तरह से अवांछित था।
















