कोरोनाः 1 महीने में 10 हजार डेथ रजिस्ट्रेशन.. दिल्ली में इतनी मौतें पहले कभी नहीं हुईं रजिस्टर

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कोरोनाः 1 महीने में 10 हजार डेथ रजिस्ट्रेशन.. दिल्ली में इतनी मौतें पहले कभी नहीं हुईं रजिस्टर


कोरोनाः 1 महीने में 10 हजार डेथ रजिस्ट्रेशन.. दिल्ली में इतनी मौतें पहले कभी नहीं हुईं रजिस्टर

सुदामा यादव, नई दिल्ली
दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर कम हो रही है। मौतों की संख्या में भी कम ही सही, लेकिन गिरावट शुरू हुई है। हालांकि संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। आंकड़े बयां करते हैं कि पिछले साल की तुलना में संक्रमण इस साल अधिक जानलेवा साबित हुआ है। एमसीडी की डेथ रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2020 में 4,441 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस साल डेथ रजिस्ट्रेशन के आंकड़े पिछले साल की तुलना में ढाई गुना ज्यादा हैं। इस साल अप्रैल में 10,750 लोगों का डेथ रजिस्ट्रेशन हुआ। इसमें से 60-70 प्रतिशत लोगों की मौत का कारण कोरोना संक्रमण बताया गया है।

ज्यादातर मौतें कोरोना से
नॉर्थ एमसीडी मेयर जय प्रकाश और साउथ एमसीडी में नेता सदन नरेंद्र चावला के अनुसार, बीते कुछ सालों के डेथ रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों की तुलना करें, तो दिल्ली में एक महीने में कभी भी एक महीने में 10 हजार मौतें रजिस्टर नहीं हुई हैं। लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण इतना घातक और जानलेवा रहा कि सभी रेकॉर्ड तोड़ टूट गए। पिछले साल अप्रैल में नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी एरिया में कुल 4,441 डेथ रजिस्ट्रेशन हुए थे। इसमें नॉर्थ में 2388, साउथ में 1383 और ईस्ट एमसीडी में 670 डेथ रजिस्टर हुई थीं।

वहीं इस साल तीनों एमसीडी एरिया में अप्रैल महीने में पिछले साल की तुलना में ढाई गुना अधिक डेथ रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अप्रैल 2021 में 10,750 मौतों का रजिस्ट्रेशन किया गया। अफसरों का कहना है कि पिछले साल और इस साल के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों में इतना अंतर इसलिए है कि इसमें करीब 60-70 प्रतिशत मृतक ऐसे हैं, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है।

कोविड नियमों का पालन जरूरी
अफसरों का कहना है अप्रैल के आखिरी दिनों में दिल्ली में कोरोना का पीक माना जा रहा था। 28 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल के बीच कोरोन से मौत के मामले भी सबसे अधिक थे। अप्रैल के आखिरी दिनों में एमसीडी के श्मशानों में एक दिन में 700 से अधिक कोविड डेडबॉडीज का अंतिम संस्कार हो रहा था। वहीं अब यह संख्या सिमटकर 250-300 तक आ गई है। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लोग कोविड से बचाव के नियमों को पालन करना छोड़ दें। अभी भी लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने जैसे नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।



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