शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का एक महान पर्व है. दक्षिण भारतीय पंचांग (अमावस्यान्त पंचांग) के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है. वहीं उत्तर भारतीय पंचांग (पूर्णिमान्त पंचांग) के मुताबिक़ फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का आयोजन होता है. पूर्णिमान्त व अमावस्यान्त दोनों ही पंचांगों के अनुसार महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2021) एक ही दिन पड़ती है.
ऐसे में आज हम आपको साल 2021 में किस दिन महाशिवरात्रि के दिन और तारीख के बारे में बताने जा रहे हैं. शिवलिंग भगवान शिव का प्रतीक है. शिव का अर्थ है– कल्याणकारी और लिंग का अर्थ है सृजन. सर्जनहार के रूप में लिंग की पूजा होती है. संस्कृत में लिंग का अर्थ है प्रतीक. भगवान शिव अनंत काल के प्रतीक हैं. मान्यताओं के अनुसार, लिंग एक विशाल लौकिक अंडाशय है, जिसका अर्थ है ब्रह्माण्ड. इसे ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है.
महाशिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को मनाई जा रही हैं। ऐसा माना जाता हैं इस दिन शिवजी की पूजा और अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा शुभ काल के दौरान करना चाहिए। भगवान शिव की पूजा करते वक्त बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। आईये जानते महाशिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या न करें-
महाशिवरात्रि के दिन क्या ना करें?
- महाशिवरात्रि के दिन मास या मदिरा नहीं लेना या खाना चाहिए।
- महाशिवरात्रि के दिन देर तक सोना नहीं चाहिए।
- महाशिवरात्रि के दिन दाल, चावल या गेहू से बने नहीं खाये। इस दिन आप सिर्फ फल, दूध, चाय और कॉफ़ी ले सकते है।
- अगर आप शिवजी को प्रसन्ना करना चाहते हैं तो इस दिन काले कपडे नहीं पहने।
- कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिवजी को चढ़ाया हुआ प्रसाद नहीं खाना चाहिए।
यह भी पढ़े:काले होठ गुलाबी करने के उपाय?














