63 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर टैक्स से मिलेगी छूट, अभी 51 पर – Udaipur News h3>
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर 63 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बीसीडी (मूल सीमा शुल्क) और आईजीएसटी (एकीकृत माल और सेवा कर) से छूट देने की सिफारिश की है।
अब तक 51 बीमारियों की दवाओं पर यह छूट मिल रही थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के आग्रह पर उठाया गया है। सांसद रावत ने खेरवाड़ा की 3 वर्षीय वामिका कलाल के मामले में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। बच्ची सीस्टीनोसीस नामक गंभीर किडनी रोग से पीड़ित है। इलाज के लिए उसे एम्स जोधपुर या सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद ले जाया जाता है।
इस बीमारी की दवाएं भारत में नहीं मिलतीं। इन्हें फ्रांस से मंगवाना पड़ता है। दवाओं पर आयात शुल्क और टैक्स लगने से सालाना करीब 3 लाख रुपए का खर्च आता है। सांसद रावत ने मांग की थी कि ऐसी दवाओं को मुफ्त या सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री नड्डा ने जानकारी दी कि 29 मार्च 2023 और 26 जुलाई 2023 की अधिसूचनाओं के तहत 51 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बीसीडी और आईजीएसटी से छूट दी जा चुकी है।
अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर सूची में बाकी 12 बीमारियों को भी जोड़ने का अनुरोध किया है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही देश के हजारों मरीजों को राहत मिलेगी। बता दें कि देश में कई बच्चे दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं। इनके इलाज के लिए इंजेक्शन और दवाएं लाखों रुपए कीमत की आती हैं। इस निर्णय से इन्हें राहत मिलेगी।
उदयपुर| शहर के मीरा नगर (भुवाणा) में लोग गंदगी से परेशान हैं। नालियां जाम हो चुकी हैं। कई जगह पानी सड़कों पर बह रहा है।
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बारिश के बीच मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। हाउसिंग बोर्ड के अधीन होने के चलते इस क्षेत्र में हमेशा यह समस्या बनी रहती है। परिसीमन के बाद यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल हो गया है। इसके बाद नगर निगम ने यहां घर-घर कचरा संग्रहण के बदले लोगों से वसूली भी शुरू कर दी है। लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर कोई काम नहीं किया।
सराड़ी की आंगनबाड़ी में पढ़ने आने वाले मासूमों की जान खतरे में है। केंद्र का भवन जर्जर होने पर इसे पास ही किसान भवन में शिफ्ट किया गया था। लेकिन अब यहां भी सांप निकल रहे हैं।
शनिवार सुबह 10 बजे जैसे ही केंद्र खोला, तब 6 फीट लंबा सांप कुंडली मारकर बैठा दिखा। संचालिका राधा सालवी ने बच्चों को तुरंत बाहर निकाला। पंचायत में आए लोगों ने सांप को पड़कर बाहर निकाला, जिसे दूर झाड़ियों में छोड़ दिया गया। जानकारी अनुसार मुख्य गांव की आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत के किसान भवन में चल रही है। 3 वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी का भवन नकारा घोषित होने के बाद ग्राम पंचायत ने नई आंगनबाड़ी के पुनः निर्माण का प्रस्ताव अभी तक नहीं लिया गया है। पंचायत में कुल 8 आंगनबाड़ी हैं। इनमें से फिलहाल किसी के भवन ही नहीं है। पानी कोटड़ा गांव की आंगनबाड़ी विद्यालय में संचालित है। वहीं ढोलकाकर आंगनबाड़ी भवन पर व्यक्ति विशेष का कब्जा है।
सराड़ी प्रशासक गंगाराम भील ने बताया कि ग्राम पंचायत में दो आंगनबाड़ी भवनों को विभाग ने नकारा घोषित कर दिया, िजन्हें अन्य जगहों पर चला रहे हैं। ग्राम पंचायत में 4 साल से प्रत्येक शिविरों में प्रस्तावित आंगनबाड़ियों के पट्टे दिए जा रहे हैं तथा बाल विकास परियोजना में भी भूमि के पट्टे दे दिए गए हैं लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
चार साल के मासूम को सांप ने डसा, दम तोड़ा
प्रतापगढ़ | देवगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चिकलाड़ में सांप के डसने से मासूम की मौत हो गई। अभिषेक (4) अपने पिता खानुराम मीणा के साथ खेत पर बैठा था। तभी एक जहरीले सांप ने उसे पैर के अंगूठे पर डस लिया। परिवार उसे तुरंत धरियावद अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन यहां डॉक्टर ही नहीं मिले। ऐसे में उसे प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।
वहां एक घंटे तक इलाज चला, लेकिन स्थिति गंभीर होती गई। डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश रास्ते में ही रात करीब 9 बजे अभिषेक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता खानुराम की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
आकाशीय बिजली गिरने से तीन खंभों के तार टूटे, देर रात तक गुल रही बिजली
वल्लभनगर| उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई। भटेवर से मेनार की ओर आने वाली 33 केवी लाइन में नवानिया पुलिया के समीप शाम करीब 7.15 बजे बिजली गिरने से इंसुलेटर में तेज विस्फोट हो गया।
घटना के बाद तीन विद्युत पोलों के तार टूटकर जमीन पर गिर गए और भटेवर जीएसएस से जुड़े संपूर्ण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घटना के बाद जीएसएस मेनार के कनिष्ठ अभियंता राधिका माहुर के निर्देशन में मरम्मत कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद करीब 11.15 बजे वैकल्पिक तौर पर फतहनगर से इंटाली तक की लाइन से सिंगल फेज बिजली आपूर्ति बहाल की, जिससे लोगों को राहत मिली। विद्युत निगम के भवानीशंकर मेनारिया, भावेश गोपावत, पुष्कर लोहार, कैलाश प्रजापत, एफआरटी के सुपरवाइजर मनीष सेन सहित टीम ने रात को पूरी तरह आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन मौसम बाधा बना रहा।
इसके बाद शनिवार सुबह विद्युत निगम एवं एफआरटी की संयुक्त टीम ने नवानिया पुलिया के पास क्षतिग्रस्त इंसुलेटर को बदल कर तीनों विद्युत पोलों के टूटे तारों को पुनः जोड़ा गया। जिससे यह लाइन फिर से सुचारु हो सकी।
मीरा नगर में पसर रही है गंदगी, बीमारियों का खतरा
खतरे में मासूम… आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर, किसान भवन में शिफ्ट किया, वहां भी निकल रहे सांप
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर 63 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बीसीडी (मूल सीमा शुल्क) और आईजीएसटी (एकीकृत माल और सेवा कर) से छूट देने की सिफारिश की है।
अब तक 51 बीमारियों की दवाओं पर यह छूट मिल रही थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के आग्रह पर उठाया गया है। सांसद रावत ने खेरवाड़ा की 3 वर्षीय वामिका कलाल के मामले में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। बच्ची सीस्टीनोसीस नामक गंभीर किडनी रोग से पीड़ित है। इलाज के लिए उसे एम्स जोधपुर या सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद ले जाया जाता है।
इस बीमारी की दवाएं भारत में नहीं मिलतीं। इन्हें फ्रांस से मंगवाना पड़ता है। दवाओं पर आयात शुल्क और टैक्स लगने से सालाना करीब 3 लाख रुपए का खर्च आता है। सांसद रावत ने मांग की थी कि ऐसी दवाओं को मुफ्त या सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री नड्डा ने जानकारी दी कि 29 मार्च 2023 और 26 जुलाई 2023 की अधिसूचनाओं के तहत 51 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बीसीडी और आईजीएसटी से छूट दी जा चुकी है।
अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर सूची में बाकी 12 बीमारियों को भी जोड़ने का अनुरोध किया है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही देश के हजारों मरीजों को राहत मिलेगी। बता दें कि देश में कई बच्चे दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं। इनके इलाज के लिए इंजेक्शन और दवाएं लाखों रुपए कीमत की आती हैं। इस निर्णय से इन्हें राहत मिलेगी।
उदयपुर| शहर के मीरा नगर (भुवाणा) में लोग गंदगी से परेशान हैं। नालियां जाम हो चुकी हैं। कई जगह पानी सड़कों पर बह रहा है।
बारिश के बीच मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। हाउसिंग बोर्ड के अधीन होने के चलते इस क्षेत्र में हमेशा यह समस्या बनी रहती है। परिसीमन के बाद यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल हो गया है। इसके बाद नगर निगम ने यहां घर-घर कचरा संग्रहण के बदले लोगों से वसूली भी शुरू कर दी है। लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर कोई काम नहीं किया।
सराड़ी की आंगनबाड़ी में पढ़ने आने वाले मासूमों की जान खतरे में है। केंद्र का भवन जर्जर होने पर इसे पास ही किसान भवन में शिफ्ट किया गया था। लेकिन अब यहां भी सांप निकल रहे हैं।
शनिवार सुबह 10 बजे जैसे ही केंद्र खोला, तब 6 फीट लंबा सांप कुंडली मारकर बैठा दिखा। संचालिका राधा सालवी ने बच्चों को तुरंत बाहर निकाला। पंचायत में आए लोगों ने सांप को पड़कर बाहर निकाला, जिसे दूर झाड़ियों में छोड़ दिया गया। जानकारी अनुसार मुख्य गांव की आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत के किसान भवन में चल रही है। 3 वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी का भवन नकारा घोषित होने के बाद ग्राम पंचायत ने नई आंगनबाड़ी के पुनः निर्माण का प्रस्ताव अभी तक नहीं लिया गया है। पंचायत में कुल 8 आंगनबाड़ी हैं। इनमें से फिलहाल किसी के भवन ही नहीं है। पानी कोटड़ा गांव की आंगनबाड़ी विद्यालय में संचालित है। वहीं ढोलकाकर आंगनबाड़ी भवन पर व्यक्ति विशेष का कब्जा है।
सराड़ी प्रशासक गंगाराम भील ने बताया कि ग्राम पंचायत में दो आंगनबाड़ी भवनों को विभाग ने नकारा घोषित कर दिया, िजन्हें अन्य जगहों पर चला रहे हैं। ग्राम पंचायत में 4 साल से प्रत्येक शिविरों में प्रस्तावित आंगनबाड़ियों के पट्टे दिए जा रहे हैं तथा बाल विकास परियोजना में भी भूमि के पट्टे दे दिए गए हैं लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
चार साल के मासूम को सांप ने डसा, दम तोड़ा
प्रतापगढ़ | देवगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चिकलाड़ में सांप के डसने से मासूम की मौत हो गई। अभिषेक (4) अपने पिता खानुराम मीणा के साथ खेत पर बैठा था। तभी एक जहरीले सांप ने उसे पैर के अंगूठे पर डस लिया। परिवार उसे तुरंत धरियावद अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन यहां डॉक्टर ही नहीं मिले। ऐसे में उसे प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।
वहां एक घंटे तक इलाज चला, लेकिन स्थिति गंभीर होती गई। डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश रास्ते में ही रात करीब 9 बजे अभिषेक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता खानुराम की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
आकाशीय बिजली गिरने से तीन खंभों के तार टूटे, देर रात तक गुल रही बिजली
वल्लभनगर| उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई। भटेवर से मेनार की ओर आने वाली 33 केवी लाइन में नवानिया पुलिया के समीप शाम करीब 7.15 बजे बिजली गिरने से इंसुलेटर में तेज विस्फोट हो गया।
घटना के बाद तीन विद्युत पोलों के तार टूटकर जमीन पर गिर गए और भटेवर जीएसएस से जुड़े संपूर्ण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घटना के बाद जीएसएस मेनार के कनिष्ठ अभियंता राधिका माहुर के निर्देशन में मरम्मत कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद करीब 11.15 बजे वैकल्पिक तौर पर फतहनगर से इंटाली तक की लाइन से सिंगल फेज बिजली आपूर्ति बहाल की, जिससे लोगों को राहत मिली। विद्युत निगम के भवानीशंकर मेनारिया, भावेश गोपावत, पुष्कर लोहार, कैलाश प्रजापत, एफआरटी के सुपरवाइजर मनीष सेन सहित टीम ने रात को पूरी तरह आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन मौसम बाधा बना रहा।
इसके बाद शनिवार सुबह विद्युत निगम एवं एफआरटी की संयुक्त टीम ने नवानिया पुलिया के पास क्षतिग्रस्त इंसुलेटर को बदल कर तीनों विद्युत पोलों के टूटे तारों को पुनः जोड़ा गया। जिससे यह लाइन फिर से सुचारु हो सकी।
मीरा नगर में पसर रही है गंदगी, बीमारियों का खतरा
खतरे में मासूम… आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर, किसान भवन में शिफ्ट किया, वहां भी निकल रहे सांप





