गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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सरकारी खजाने में 504 करोड़ की सेंध: CBI ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कई ठिकानों पर की छापेमारी

करीब 504 करोड़ रुपए के सरकारी धन के गबन से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में गुरुवार को जांच…

सरकारी खजाने में 504 करोड़ की सेंध: CBI ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कई ठिकानों पर की छापेमारी
(फोटो: IANS)

करीब 504 करोड़ रुपए के सरकारी धन के गबन से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में गुरुवार को जांच एजेंसी ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह छापेमारी उन लोगों के ठिकानों पर की गई जिन पर घोटाले की रकम का फायदा उठाने का संदेह है।

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सीबीआई ने कुल पांच स्थानों पर कार्रवाई की, जिसमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के अधिकारी अनुभव मिश्रा का आवास, लाभार्थियों के घर, कारोबारी प्रतिष्ठान और मामले से जुड़े कुछ निजी संस्थानों के परिसर शामिल थे। इस कार्रवाई का मकसद घोटाले की पूरी साजिश और पैसे के लेन-देन की कड़ी को उजागर करना है।

तलाशी में क्या मिला?

छापेमारी के दौरान सीबीआई अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं। एजेंसी ने डिजिटल स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन सभी की गहन जांच और विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

क्या है यह पूरा घोटाला?

यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए के गबन से जुड़ा है। आरोप है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा के माध्यम से यह घोटाला किया गया। सरकारी धन को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन के जरिए निकाला गया और फिर शेल (मुखौटा) कंपनियों के खातों में भेज दिया गया। यह केस पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास था, जिसे बाद में राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई को सौंप दिया गया।

अब तक की कार्रवाई

सीबीआई इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इन आरोपियों में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

इसके अलावा, सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच की, जिनमें चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है। इनमें से एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम से जुड़ा है, जिसमें एक CSCL अधिकारी समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। दूसरा मामला चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) से संबंधित है, जिसमें दो अधिकारियों और चार निजी व्यक्तियों समेत 13 को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने कहा है कि वह घोटाले में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाने और सरकारी धन की वसूली के लिए प्रतिबद्ध है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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