झारखंड: 14वीं JPSC पीटी परीक्षा पर विवाद गहराया, BJP का घेराव, विधायक ने राज्यपाल से की मुलाकात
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के नतीजों पर उठा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर भारतीय जनता युवा…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के नतीजों पर उठा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 22 जुलाई को रांची में JPSC मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है, वहीं एक विधायक ने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने आरोप लगाया है कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्होंने कहा कि परिणाम जारी होने के बाद से ही उम्मीदवारों के मन में कई सवाल हैं।
गड़बड़ियों के मुख्य आरोप
आदित्य साहू के मुताबिक, अभ्यर्थियों को जो मार्कशीट दी गई है, उस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं। इसके अलावा, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भी ओएमआर शीट की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आयोग की वेबसाइट पर कई जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर भाजयुमो बुधवार सुबह जयपाल सिंह स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च निकालकर उसका घेराव करेगा।
विधायक ने की राज्यपाल से मुलाकात
इस बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर मुख्य परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है और नतीजों का आधी रात को जारी होना संदेह को और बढ़ाता है। महतो ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने भाजपा के आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन देने की भी घोषणा की।
छात्रों का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें
इससे पहले, परीक्षा परिणाम में कथित धांधली के विरोध में कई अभ्यर्थी और छात्र संगठन भी JPSC मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में परिणाम रद्द करना, पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच, कट-ऑफ मार्क्स सार्वजनिक करना और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच शामिल है। हालांकि, इन सभी आरोपों पर आयोग की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



