बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
देश

12 साल में जन धन योजना: 59 करोड़ खाते खुले, ग्रामीण भारत और महिलाओं को मिली वित्तीय पहचान

भारत की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने अपने 12 साल पूरे कर लिए हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 59.09 करोड़ से अधिक बैंक…

12 साल में जन धन योजना: 59 करोड़ खाते खुले, ग्रामीण भारत और महिलाओं को मिली वित्तीय पहचान
(फोटो: IANS)

भारत की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक, प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने अपने 12 साल पूरे कर लिए हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 59.09 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें कुल 3.17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि जमा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह योजना वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन के एक सफल मॉडल के रूप में उभरी है।

विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को इस योजना का शुभारंभ किया था। इसके 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे एक अभूतपूर्व और परिवर्तनकारी पहल बताया। उन्होंने लिखा, "अभूतपूर्व पैमाने और परिवर्तनकारी परिणाम! जन धन योजना का अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा है। #12ईयर्सऑफजनधन"

ग्रामीण भारत और महिला सशक्तिकरण पर फोकस

इस योजना की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि इसका ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचना है। खोले गए कुल खातों में से 78 प्रतिशत इन्हीं इलाकों में हैं। इसके अलावा, योजना ने महिला सशक्तिकरण में भी बड़ी भूमिका निभाई है, क्योंकि 56 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था, जो पहले औपचारिक व्यवस्था से बाहर थे।

खातों से आगे की सुविधाएं

यह योजना सिर्फ बैंक खाते खोलने तक सीमित नहीं है। इसके तहत खाताधारकों को कई अन्य वित्तीय सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। अब तक 41 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।

प्रत्येक खाताधारक को मिलने वाले लाभों में शामिल हैं:

  • मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड।
  • कार्ड के साथ 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर।
  • आपात स्थिति के लिए 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस योजना ने लाखों लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा है, जिससे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को सुरक्षा मिली है।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →