10 कुत्तों को जहर देने वाले ने पहले रेकी की: लखनऊ में तड़पते डॉग्स के शरीर नीले पड़ गए थे, पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं – Lucknow News h3>
लखनऊ के राजाजीपुरम क्षेत्र में स्थित सपना कॉलोनी में 10 कुत्तों को जहर दे दिया गया। चार कुत्तों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। फिलहाल, संबंधित मामले में तालकटोरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। स्ट्रीट डॉग्स को कौन-सा जहर दिया गय
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मोहल्ले में लोगों का कुत्तों के प्रति बर्ताव कैसा है? एक साथ इतने कुत्तों को जहर देने के पीछे की वजह क्या है? क्या ये कुत्ते काटते या दौड़ाते हैं? इन सभी सवालों के लिए जवाब के लिए दैनिक NEWS4SOCIALरिपोर्टर ग्राउंड जीरो पहुंचा। लोगों से बातचीत की। मोहल्ले के कुत्तों की बिहैव देखा। लोगों ने जो बताया सब पढ़िए…
पहले पढ़िए स्थानीय लोगों ने जो बताया…
हादसा सुनकर नंगे पांव भागा
घटना के बाद दैनिक NEWS4SOCIALकी टीम मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने पूरी घटना के बारे में जानकारी साझा की। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घटना को बेहद अफसोसजनक बताया। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद इलाके के लोगों में मायूसी है। स्थानीय निवासी सौरभ ने बताया कि मंगलवार की घटना है। हम सो रहे थे तभी माताजी ने सुबह 6 बजे आकर घटना के बारे में जानकारी दी। नंगे पांव भागते हुए गए तो देखा कि डॉग्स तड़प रहे थे और दर्द से जोर-जोर से चीख रहे थे। ऐसा खौफनाक मंजर देखकर हमारी आंखों में आंसू आ गए।
लोगों ने बताया है कि मोहल्ले के कुत्ते सबको पहचानते हैं। वे किसी को काटते नहीं हैं।
जहर से कुत्तों का शरीर ऐंठ गया था
सौरभ ने कहा- कुत्तों के मरने और तबीयत अचानक बिगड़ने पर हमने तत्काल पुलिस और जीव आश्रय NGO को सूचना दी। घटना सुबह 4 बजे की थी, दो घंटे गुजर चुके थे। इस दौरान 4 कुत्तों की मौत हो चुकी थी। जिनकी मौत हुई, उनका शरीर पूरा टाइट होकर ऐंठ गया था। बाकी जो डॉग्स तड़प रहे थे उन्हें पानी पिलाया। कॉलोनी के सभी लोग अन्य डॉग्स को बचाने में जुट गए। सभी लोग यही चाहते थे कि हर हाल में कुत्तों को बचा लिया जाए।
कुत्ते मोहल्ले में निडर होकर रहते हैं। उन्हें कोई नहीं मारता-भगाता।
बिना CCTV वाली जगह चुनी
सौरभ ने बताया कि जहर देने वाला व्यक्ति बहुत शातिर और क्रिमिनल माइंड था। उसने पूरी कॉलोनी का मुआयना करने के बाद जहर उस जगह दिया, जहां कोई CCTV कैमरा नहीं था। इससे स्पष्ट होता है कि जहर देने वाला व्यक्ति पूरे इलाके से अच्छी तरह वाकिफ था। हमारी मांग है कि पूरी कॉलोनी में हर कोने और जरूरी जगहों पर CCTV कैमरे लगाए जाएं ताकि भविष्य में कोई बड़ी घटना हो, तो अपराधी पकड़ा जाए।
स्थानीय निवासी सौरभ ने बताया- जिसने भी इन बेजुबानों को मारा हो, उसे कड़ी सजा होनी चाहिए।
अब सुनिए मददगार NGO ने क्या कहा…
पहली बार ऐसी घटना देखी
जीव आश्रय के मेडिकल टीम के सदस्य शिवम ने बताया किन बताया कि जब मौके पर पहुंचे तो लगभग 4 डॉग्स की मौत हो चुकी थी। बाकी जो जीवित थे उनकी कंडीशन बहुत खराब थी। बॉडी नीली पड़ गई थी, मुंह से झाग निकल रहा था और स्टूल्स में ब्लड आ रहा था। ये लक्षण जहर के ही होते हैं।
बताया कि इस प्रकार के केसेज बहुत कम देखने को मिलते हैं कि बेजुबानों के साथ ऐसी बर्बरता की गई हो और उन्हें एक साथ जहर दे दिया गया हो। हमने तत्काल मौके पर मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध कराई 2 डॉग ज्यादा गंभीर थे उन्हें एडमिट करके इलाज शुरू किया।
डॉग्स का इलाज करने वाले शिवम ने बताया कि डॉग्स का शरीर नीला पड़ रहा था। वो बेहद कष्ट में थे।
डॉग्स के स्वास्थ में आया सुधार
शिवम ने बताया कि जहर सीधे नहीं दिया गया था। किसी रासायनिक पदार्थ में मिलाकर दिया गया। इस वजह से जो डॉग्स बच गए थे वो बहुत कमजोर हो गए थे। घटना के बाद डॉग्स का इलाज लगातार जारी है। जिन डॉग्स का ट्रीटमेंट हुआ था उनकी स्थिति बहुत बेहतर हुई है। सभी डॉग्स पैडिग्री खा रहे हैं। पूरी तरह एक्टिव हैं और अब भौंकने भी लगे हैं। एक्टिविटी नार्मल है।
बीमार डॉग्स का जीव आश्रय के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। अब उनकी हालत काफी सुधर गई है।
पुलिस जांच में जुटी
संबंधित मामले में इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप दुबे ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक डॉग्स का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। मगर उसमें मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। प्राथमिक दृष्टि में पॉइजन सामने आया है। मगर कौन सा पॉइजन दिया गया है इसकी अधिक जानकारी के लिए सैंपल लैब भेजा गया है। बाकी पूरे मामले को लेकर तफ्तीश जारी है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।



