सोनीपत पुलिस ने साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया: राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार; 4.5 लाख रुपए ठगने का मामला, जेल भेजे – Gohana News h3>
सोनीपत पुलिस ने ऑनलाइन विज्ञापन और फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह और पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस टीम ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को राजस्थान के उदयपुर से धर दबोचा है। आरोपियों ने एक पीड़ित से अलग-अलग बहानों से कुल 4.5 लाख रुपए ठग लिए थे। राजस्थान के रहने वाले हैं आरोपी साइबर थाना पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के डूंगरपुर जिले के गामड़ी देवकी गांव के रहने वाले देवशंकर, प्रकाश और ईश्वर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इन तीनों को उदयपुर में छापेमारी कर गिरफ्तार किया है और इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। गूगल क्रोम के विज्ञापन से बुना ठगी का जाल यह पूरा मामला 11 अप्रैल 2026 को तब सामने आया, जब सोनीपत निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना में अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 28 मार्च 2026 को इंटरनेट सर्फिंग के दौरान उन्हें गूगल क्रोम पर ‘Oklute’ नामक साइट का एक विज्ञापन मिला, जिसमें कॉल गर्ल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका सीधा संपर्क ठगों के एक व्हाट्सएप नंबर से हो गया। झांसा देकर मां के खाते से ट्रांसफर करवाए 4.5 लाख रुपए व्हाट्सएप पर आरोपियों ने पीड़ित को अलग-अलग तरह की सेवाएं ऑफर कीं। पीड़ित ने 3 घंटे के लिए 4000 रुपए वाली सर्विस का विकल्प चुना और एडवांस बुकिंग के तौर पर 1000 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने अपना असली खेल शुरू किया। आरोपियों ने पीड़ित को डराकर और झांसा देकर कभी ‘सत्यापन शुल्क’ (वेरिफिकेशन चार्ज), कभी ‘शहर शुल्क’ (सिटी चार्ज) तो कभी ‘टैक्स शुल्क’ के नाम पर बार-बार पैसों की मांग की। ठग हर बार यह झांसा देते रहे कि यह सारा पैसा सिक्योरिटी मनी है, जो बाद में वापस (रिफंड) मिल जाएगा। पीड़ित आरोपियों के बहकावे में आकर यूपीआई (UPI) और स्कैनर के माध्यम से पैसे भेजता गया। इस तरह आरोपियों ने पीड़ित की माताजी के बैंक खाते से कुल 4,50,000 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद भी जब आरोपियों ने पैसे वापस नहीं किए और लगातार और रुपयों की मांग करने लगे, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई साइबर थाना सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें सहायक उप निरीक्षक संजय, सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र, मुख्य सिपाही विनोद, मुख्य सिपाही प्रदीप और एसपीओ (SPO) सतीश शामिल रहे। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों को राजस्थान से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों को सोनीपत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेशानुसार तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सोनीपत पुलिस की साइबर सुरक्षा संबंधी अपील…
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