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सेवाधाम आश्रम से विदा हुए लखपति भिक्षुक: इंदौर टीम ले गई मीसाबंदी बुजुर्ग को; साफा पहनाया और श्रीफल से सम्मान, बोले- अब नहीं मांगूंगा भीख – Ujjain News

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सेवाधाम आश्रम से विदा हुए लखपति भिक्षुक:  इंदौर टीम ले गई मीसाबंदी बुजुर्ग को; साफा पहनाया और श्रीफल से सम्मान, बोले- अब नहीं मांगूंगा भीख – Ujjain News

सेवाधाम आश्रम से विदा हुए लखपति भिक्षुक: इंदौर टीम ले गई मीसाबंदी बुजुर्ग को; साफा पहनाया और श्रीफल से सम्मान, बोले- अब नहीं मांगूंगा भीख – Ujjain News

सेवाधाम आश्रम से विदा हुए लखपति भिक्षुक।

इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के अभियान में लगी इंदौर प्रशासन की टीम ने पेशे से इंजीनियर रहे मीसाबंदी बुजुर्ग को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया था। NEWS4SOCIALने बुधवार को खुलासा किया तो इंदौर प्रशासन की टीम ने गलती मानते हुए बुधवार को बुजुर्ग को अपने सा

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15 अप्रैल से नगर निगम इंदौर की टीम ने राजबाड़े के पास लक्ष्मी मंदिर से 72 वर्षीय देवव्रत चौधरी को भिक्षावृति करते हुए उठाया था। इसके बाद से ही वे करीब एक माह से उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में रह रहे है। उन्हें यहां अच्छा लगा रह था , दैनिक NEWS4SOCIALसे बात करते हुए चौधरी ने बताया था कि वे मीसा बन्दी है, उनका एक भाई सेना में कर्नल रहे तो दूसरा बैंक में अधिकारी के पद से रिटायर्ड हुए है। खुद ने मुम्बई की बड़ी कम्पनी में काम किया और आज भी उनके खुद के खाते में 10 लाख रुपए जमा है।

बुधवार को खबर दिखाने के बाद इंदौर प्रशासन की टीम ने तत्काल एक गाड़ी उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजकर बुजुर्ग देवव्रत चौधरी को अपने साथ ले गयी। इससे पहले उनको तिलक कर पगड़ी पहनाई और शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

बुजुर्ग देवव्रत चौधरी का 15 अप्रैल और फिर सेवाधाम आश्रम का फोटो।

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इस दौरान आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने देवव्रत चौधरी से बात की तो चौधरी ने माना और कहा कि अब वे कभी भी भिक्षावृति नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने आश्रम के संचालक को धन्यवाद देते हुए कहा की मुझे ऐसे आश्रम में आने का मौका मिला, कभी भी जरूरत होगी तो मैं आऊंगा।

आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि इंदौर से प्रशासन की टीम दोपहर में ही लेने आ गयी थी। इस दौरान उनका सम्मान कर हमने उनको विदाई दी है। साथ ही बात करते हुए उन्होंने आगे से भिक्षावृति नहीं करने का प्रण भी लिया है।

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इंदौर के इंजीनियर को भिक्षुक समझा, आश्रम पहुंचाया

इंदौर को भिक्षुक मुक्त करने के लिए 15 अप्रैल को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजे जाने वालों में एक मीसाबंदी भी शामिल है। प्रशासन ने उनको भिक्षुक समझकर यहां पहुंचा दिया। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर बुजुर्ग देवव्रत चौधरी (72) फर्राटेदार अंग्रेजी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी नेता विनोबा भावे के साथ के अपने अनुभव भी सुनाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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