दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों से केजरीवाल की गुहार- दिल्ली के लिए मुहैया करवाएं ऑक्सीजन h3>
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रही है। कई अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से लगातार कुछ-कुछ समय पर ऑक्सीजन की कमी होने की शिकायत सामने आती रही हैं। इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांग की है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर अतिरिक्त ऑक्सीजन है तो अन्य राज्य दिल्ली के लिए मुहैया करवा दें।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लेटर लिखने की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ”मैं सभी मुख्यमंत्रियों से निवेदन करता हूं कि अगर उनके पास अतिरिक्त ऑक्सीजन है तो उसे दिल्ली के लिए मुहैया करवा दें। हालांकि, केंद्र सरकार भी हम लोगों की मदद कर रही है, लेकिन कोरोना की गंभीरता ऐसी है कि सभी उपलब्ध संसाधन अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।”
दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट शनिवार को भी जारी रहा। गंभीर रूप से पीड़ित कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के चलते राजधानी के किसी भी अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही है। दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में शुक्रवार रात 20 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि मरने वाले सभी 20 मरीज ऑक्सीजन पर थे, ऑक्सीजन न होने से हमें फ्लों कम करना पड़ा था। मैं ये नहीं कह रहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई हैं, लेकिन एक बड़ी वजह ये भी हो सकती है। इससे पहले, गुरुवार रात दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भी गंभीर रूप से बीमार 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि कई और मरीजों की जिंदगी ऑक्सीजन की कमी के कारण संकट में पड़ गई थी।
I am writing to all CMs requesting them to provide oxygen to Delhi, if they have spare. Though Central govt. is also helping us, the severity of corona is such that all available resources are proving inadequate.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 24, 2021
ऑक्सीजन की कमी को लेकर एक बार फिर से दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कई सख्त कॉमेंट्स किए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखाते हुए यह भी कहा है कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन में कोई अधिकारी ऑक्सीजन सप्लाई में अड़चन डाल रहा है, तो हम उसे बख्शेंगे नहीं, उसे फांसी पर लटका देंगे।
उधर, केंद्र सरकार ने शनिवार को इलाज में काम आने वाली ऑक्सीजन, ऑक्सीजन संबंधी उपकरण के इम्पोर्ट से बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट प्रदान की है। ऑक्सीजन और संबंधित उपकरणें की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और किफायदी दरों में मुहैया कराने के लिए यह फैसला किया गया। जिन उपकरणों को सीमा शुल्क से छूट दी गई है उनमें चिकित्सीय ऑक्सीजन के अलावा ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के साथ प्रवाह मीटर, रेग्युलेटर, कनेक्टर्स और टयूबिंग, वैक्यूम प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (वीपीएसए), प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र, क्रायोजेनिक ऑक्सीजन वायु पृथक्करण इकाइयां (एएसयू), लिक्विड/गैसीय ऑक्सीजन का उत्पादन, ऑक्सीजन कनस्तर, ऑक्सीजन भरने की प्रणाली ऑक्सीजन भंडारण टैंक और ऑक्सीजन सिलेंडर शामिल हैं।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रही है। कई अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से लगातार कुछ-कुछ समय पर ऑक्सीजन की कमी होने की शिकायत सामने आती रही हैं। इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांग की है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर अतिरिक्त ऑक्सीजन है तो अन्य राज्य दिल्ली के लिए मुहैया करवा दें।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लेटर लिखने की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ”मैं सभी मुख्यमंत्रियों से निवेदन करता हूं कि अगर उनके पास अतिरिक्त ऑक्सीजन है तो उसे दिल्ली के लिए मुहैया करवा दें। हालांकि, केंद्र सरकार भी हम लोगों की मदद कर रही है, लेकिन कोरोना की गंभीरता ऐसी है कि सभी उपलब्ध संसाधन अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।”
दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट शनिवार को भी जारी रहा। गंभीर रूप से पीड़ित कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के चलते राजधानी के किसी भी अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही है। दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में शुक्रवार रात 20 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि मरने वाले सभी 20 मरीज ऑक्सीजन पर थे, ऑक्सीजन न होने से हमें फ्लों कम करना पड़ा था। मैं ये नहीं कह रहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई हैं, लेकिन एक बड़ी वजह ये भी हो सकती है। इससे पहले, गुरुवार रात दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भी गंभीर रूप से बीमार 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि कई और मरीजों की जिंदगी ऑक्सीजन की कमी के कारण संकट में पड़ गई थी।
I am writing to all CMs requesting them to provide oxygen to Delhi, if they have spare. Though Central govt. is also helping us, the severity of corona is such that all available resources are proving inadequate.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 24, 2021
ऑक्सीजन की कमी को लेकर एक बार फिर से दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कई सख्त कॉमेंट्स किए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखाते हुए यह भी कहा है कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन में कोई अधिकारी ऑक्सीजन सप्लाई में अड़चन डाल रहा है, तो हम उसे बख्शेंगे नहीं, उसे फांसी पर लटका देंगे।
उधर, केंद्र सरकार ने शनिवार को इलाज में काम आने वाली ऑक्सीजन, ऑक्सीजन संबंधी उपकरण के इम्पोर्ट से बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट प्रदान की है। ऑक्सीजन और संबंधित उपकरणें की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और किफायदी दरों में मुहैया कराने के लिए यह फैसला किया गया। जिन उपकरणों को सीमा शुल्क से छूट दी गई है उनमें चिकित्सीय ऑक्सीजन के अलावा ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के साथ प्रवाह मीटर, रेग्युलेटर, कनेक्टर्स और टयूबिंग, वैक्यूम प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (वीपीएसए), प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र, क्रायोजेनिक ऑक्सीजन वायु पृथक्करण इकाइयां (एएसयू), लिक्विड/गैसीय ऑक्सीजन का उत्पादन, ऑक्सीजन कनस्तर, ऑक्सीजन भरने की प्रणाली ऑक्सीजन भंडारण टैंक और ऑक्सीजन सिलेंडर शामिल हैं।

















