तस्करों से खाकी की यारी, तीन पुलिसकर्मी नपे, जांच जारी: तस्करों संग सांठगांठ के आरोप में एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को किया निलंबित – Bareilly News h3>
कुख्यात तस्कर कल्लू उर्फ दिनेश राजपूत और उसके बेटे निखिल पुलिस गिरफ्त में
बरेली के श्यामगंज चौकी क्षेत्र के गंगापुर निवासी कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर कल्लू उर्फ दिनेश राजपूत से मिलीभगत के आरोप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने तत्काल प्रभाव से तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय ज
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य द्वारा पुलिसकर्मियो को निलंबित किया गया
तस्कर कल्लू के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
गंगापुर निवासी कल्लू उर्फ दिनेश राजपूत लंबे समय से ग्राम बिरिया नरायनपुर, सुभाषनगर निवासी अरविंद और मोहल्ला कंचनपुर थाना भोजीपुरा से बड़ी मात्रा में गुड़ से बनी शराब लाकर उसकी बिक्री कर रहा था। इसके अलावा, वह उत्तराखंड के हल्द्वानी से चरस और गांजा मंगवाकर गंगापुर क्षेत्र में सप्लाई करता था। इस सिलसिले में कल्लू के खिलाफ थाना बारादरी में 13 मुकदमे और उसके बेटे निखिल के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। एसओजी टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर इज्जतनगर पुलिस को सौंपा था, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।
तीनों पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, एसपी साउथ को सौंपी जांच
मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने में लापरवाही बरतने और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर बारादरी थाने में तैनात मुख्य आरक्षी मोहम्मद असलम, मुख्य आरक्षी पंकज पाठक और विवेक कुमार को अपने पद का दुरुपयोग करने और अपराधियों पर कार्रवाई न करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एसपी सिटी की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने यह कड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले की जांच एसपी साउथ अंशिका वर्मा को सौंपी गई है। गुप्त सूचना के आधार पर एसएसपी ने एसओजी टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
गंगापुर बना सट्टेबाजों का अड्डा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गंगापुर क्षेत्र में स्मैक और शराब तस्करी का धंधा जोरों पर है। यह इलाका सट्टेबाजों का गढ़ बन चुका है, जहां एक युवक ने कम उम्र में ही सट्टे के कारोबार से करोड़ों रुपये कमा लिए हैं। इस नेटवर्क की जड़ें इतनी गहरी हैं कि थाना पुलिस के निकलते ही सट्टेबाजों तक सूचना पहुंच जाती है, जिससे वे समय रहते फरार हो जाते हैं। मुखबिरी करने वालों को सट्टेबाजों द्वारा रुपये और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। सट्टेबाज अपने ग्राहकों के मोबाइल फोन जमा करवा लेते हैं, ताकि उनका कोई वीडियो न बना सके।
इतना ही नहीं, स्मैक तस्करी में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हाल ही में बारादरी पुलिस ने एक महिला को स्मैक तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गंगापुर में संगठित अपराध का यह नेटवर्क पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।



