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इंजीनियरिंग एजुकेशन में राजस्थान के पास केवल 3.14 फीसदी सीटें: राजस्थान के खाते में आईं केवल 2118 सीटें, चार प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजें में बंटी है सीटें – Kota News

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इंजीनियरिंग एजुकेशन में राजस्थान के पास केवल 3.14 फीसदी सीटें:  राजस्थान के खाते में आईं केवल 2118 सीटें, चार प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजें में बंटी है सीटें – Kota News

इंजीनियरिंग एजुकेशन में राजस्थान के पास केवल 3.14 फीसदी सीटें: राजस्थान के खाते में आईं केवल 2118 सीटें, चार प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजें में बंटी है सीटें – Kota News

कोटा21 मिनट पहले

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राजस्थान के लिए इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। देश के प्रीमियम तकनीकी संस्थानों आईआईटी, एनआईटी, ट्रीपल आईटी और जीएफटीआई में उपलब्ध कुल सीटों में राजस्थान की हिस्सेदारी मात्र 3.14 प्रतिशत ही है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि जॉइंट सीट अलोकेशन ऑथोरिटी 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल 138 शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में बीटेक, इंटीग्रेटेड एमटेक और ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रमों की कुल 67,323 सीटें हैं, जिनमें से राजस्थान के हिस्से में मात्र 2118 सीटें ही आई हैं।

राजस्थान की हिस्सेदारी मात्र 3.14 प्रतिशत ही है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि जॉइंट सीट अलोकेशन ऑथोरिटी 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है।

ये सीटें राज्य के चार प्रमुख केंद्रीय संस्थानों—आईआईटी जोधपुर, एनआईटी जयपुर, ट्रिपल आईटी कोटा और सेंट्रल यूनिवर्सिटी राजस्थान में बंटी हुई हैं। देशभर के शीर्ष संस्थानों में पिछले तीन सालों में सीटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2024 में जहां कुल 59,937 सीटें थीं, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 67,323 हो गई है। पिछले साल (2025) के मुकाबले इस साल 4,470 सीटों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

साल 2024 में जहां कुल 59,937 सीटें थीं, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 67,323 हो गई है।

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संस्थानवार सीटों की स्थिति 23 आईआईटी संस्थानों में 2026 में सीटें बढ़कर 18,951 हुईं। पिछले साल के मुकाबले 791 सीटें बढ़ीं। 31 एनआईटी में 2026 में सीटों की संख्या 25,162 तक पहुंची। पिछले साल से 637 सीटें बढ़ीं। 26 ट्रिपल आईटी में 2026 में सीटें 11,518 हुईं। 47 जीएफटीआई में सीटों की संख्या 11,692 हो गई। राजस्थान की बात रकें तो इस साल राजस्थान के दो बड़े संस्थानों में सीटें बढ़ाई गई हैं, जो राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक शुभ संकेत है। आईआईटी जोधपुर में पिछले साल 610 सीटें थी जो इस बार 750 हो गई है। वहीं एनआईटी जयपुर में 888 से बढकर सीटें 948 हो गई है। ट्रीपल आईटी में 330, सेंट्रल यूनिवर्सिटी राजस्थान में 90 सीटें है। कुल सीटें 2,118 है।

आईआईटी जोधपुर में पिछले साल 610 सीटें थी जो इस बार 750 हो गई है। वहीं एनआईटी जयपुर में 888 से बढकर सीटें 948 हो गई है।

कोटा-सीकर के गढ़ में सीटों की कमी एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार राजस्थान का कोटा, सीकर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहर आज देशभर में इंजीनियरिंग कोचिंग के सबसे बड़े हब हैं। हर साल राज्य से लाखों छात्र जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे में राज्य के भीतर मात्र 2118 सीटें होना बेहद अपर्याप्त है। राजस्थान में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार के ‘राइजिंग राजस्थान’ विजन को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए राज्य में तकनीकी सीटों और राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को और ज्यादा बढ़ाना समय की सबसे बड़ी मांग है।

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