आगरा में खतरे के निशान के करीब यमुना, मंदिर डूबा: गोकुल बैराज से हर घंटे छोड़ा जा रहा 65 हजार क्यूसेक पानी, घाटों पर भरा पानी – Agra News h3>
आगरा के बल्केश्वर पार्वती घाट पर डूबा काली भैरो मंदिर।
आगरा में यमुना खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच गई है। नदी का पानी किनारों से टकराकर बाहर की ओर हिलोरे मारने लगा है। बल्केश्वर के पार्वती घाट पर स्थित काली भैरो मंदिर डूब गया है।
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इसके साथ ही यमुना किनारे के 4 घाट की सीढ़ियां पानी में समा गई हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
क्या है जलस्तर की स्थिति बीते सप्ताह से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ताजेवाल , ओखला और गोकुल बैराज से छोड़े जा रहे पानी से आगरा में यमुना ने रौद्र रूप दिखाया है।
शनिवार को नदी में पानी का डिस्चार्ज 52,192 क्यूसेक चल रहा था। रविवार को बढ़ाकर 75,467 क्यूसेक कर दिया गया, जोकि सोमवार सुबह तक चला है। सोमवार रात 8 बजे तक 69,029 क्यूसेक रह गया। सोमवार रात वाटर वर्क्स पर यमुना का जलस्तर 494.2 फीट पर पहुंच गया, जो बाढ़ के चेतावनी स्तर से महज 10 इंच नीचे था। मंगलवार सुबह जलस्तर में 2 इंच की गिरावट आई है।
आगरा के कैलाश मंदिर घाट पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
क्या है यमुना किनारों की स्थिति आगरा के प्रमुख कैलाश मंदिर घाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। यहां लोगों को घाट पर नदी की तरफ जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है। यमुना का पानी इस बैरिकेडिंग तक भी पहुंच गया है। वहीं, पोइया घाट किनारे तक पानी पहुंच गया है।
बल्केश्वर में डूबा मंदिर बल्केश्वर के पार्वती घाट भी डूब गया है। यहां स्थित काली भैरो मंदिर का प्लेटफार्म पूरी डूब चुका है। मंदिर की रेलिंग भी आधी से ज्यादा डूब चुकी है। मंदिर तक रास्ता ही नहीं है। ऐसे में यहां पूजा-पाठ नहीं हो रही है। हाथी घाट की सीढ़ियां भी डूब चुकी है।
बल्केश्वर पार्वती घाट पर पानी में डूबी काली माता की मूर्ति।
यमुना में बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने कैलाश, अमर विहार पुलिस चौकी, पोइया घाट, बल्केश्वर, आगरा फोर्ट, करमना, तनौरानूरपुर, समोगर और अकोला में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी हैं।
बाढ़ चौकियां बनाई गईं
9 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी हैं। शहर की कॉलोनियों से लेकर देहात के 40 गांव पर खतरा है। इससे निपटने की तैयारियां तेज हो गई हैं। एसडीएम, तहसीलदार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा किया है। नदी किनारे लोगों को जाने से रोक दिया है।
कैलाश मंदिर के घाट की सीढ़ियां डूबी।
नगर निगम सतर्क यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित खतरे को भांपते हुए निगम ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। यमुना किनारे स्थित प्रमुख हाथी घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर जलस्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है।
गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में यमुना लबालब हो गई है।
गांवों फसलें जलमग्न नदी में उफान से फतेहाबाद और बाह के तटवर्ती गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बटेश्वर में महिला स्नानघर डूब गया है। सीढ़ियों से नीचे उतरने पर रोक लगा दी है। बटेश्वर, कल्यानपुर, भरतार, भौंर, स्याइच के कछार के खेत डूब गए हैं। बिक्रमपुर कछार, बिठौली, गगनकी, सुंसार, चरीथा, बाग गुड़ियाना के तराई के खेतों में बाजरा, तिल की फसलें डूब कर नष्ट हो गई हैं।



