कौशांबी: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 11 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह…
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुआ। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए और इलाके में दहशत फैल गई।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को चारपाई पर रखकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद घायलों को एम्बुलेंस और अन्य वाहनों से प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है।
प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य
जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने पुष्टि की कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने बताया, "अभी जो हम लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का चल रहा है, उसमें लगभग 11 लोगों की मृत्यु की सूचना है और पांच घायल हैं, जिनका उपचार अभी एसआरएन अस्पताल में चल रहा है।" पुलिस को आशंका है कि मलबे में कुछ और लोग भी दबे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान जारी है।
जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और संपत्ति जब्त करने जैसी कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस हादसे को हृदयविदारक बताते हुए घायलों के बेहतर इलाज को सरकार की पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इनपुट: IANS



