उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में हुक्का बार क्यों बंद कर रही है
आज के समय में हुक्का बार आपको लगभग हर एक शहर में कई कई देखने को मिल जाएंगें. जहां पर लोग अपने शौक पूरे करने के लिए जाते हैं.
आज के समय में हुक्का बार आपको लगभग हर एक शहर में कई कई देखने को मिल जाएंगें. जहां पर लोग अपने शौक पूरे करने के लिए जाते हैं. वैसे हुक्का और बार को उत्तरप्रदेश में बंद करने का फैसला सरकार द्वारा नहीं इलाहबाद कोर्ट द्वारा लिया गया. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य स्थानों पर चल रहे हुक्का बार को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है. कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए हुक्का बार बंद करने के संबंध में एक विधि छात्र ने हाई कोर्ट को पत्र लिखा था, जिसको संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया.

हाई कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को इस आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन कराने के निर्देश दिए थे. यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता व न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र हरगोविंद पांडेय के पत्र पर कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया था.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. हर दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. हाई कोर्ट ने इसके फैलाव को रोकने के लिए मुख्य सचिव को रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन किया गया था, उसके बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण जंगल की आग की तरह फैलता जा रहा है. यह मानव जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है. इस पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि हम घने अंधेरे जंगल के बीच खड़े हैं. कल क्या होगा इसका पता नहीं है?
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कोर्ट के इसी आदेश को ध्यान में करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से हुक्का बार को बंद करने पर ध्यान दिया गया.



