आखिर क्यों अलाप रहा है विपक्ष “राग ईवीएम”

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पिछले कुछ दिनों से देश के कई कोनों (विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार) से जिस तरह से ईवीएम की तस्वीरें और वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, चुनाव योग की साख पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं.

मसलन, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, डुमरियागंज और झाँसी से इसके अलावा बिहार के महाराजगंज और सारंग से जिस तरह की तस्वीरें सामने आई हैं वो अवश्य चिंतनीय है लेकिन चुनाव आयोग ने समय रहते ही इसका समाधान करने की कोशिश की और बताया कि ये सब प्रोटोकॉल के तहत हो रहा है.

अब विपक्ष को एक बार फिर से ईवीएम पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है, हालांकि विपक्ष पहले भी ईवीएम के स्थान पर फिर से ‘बैलेट पेपर’ पर चुनाव कराने की मांग कर चुका है जिसको चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था.

इसके अलावा कुछ दिन पहले चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में तकरीबन 22 विपक्षी दलों ने वीवीपैट से 50 फीसदी गिनती करने की गुहार लगाई थी जिसको भी खारिज कर दिया गया था. चुनाव आयोग का कहना है कि ईवीएम मशीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और सारे सवाल बेबुनियाद हैं.

अब एग्जिट पोल आने के बाद जब लगभग सभी ने एनडीए की ही सरकार बनने की भविष्यवाणी की है तो विपक्ष में माहौल थोड़ा गर्माया हुआ है, और सभी दलों ने इस हलचल में बैठक वगैरह बुला कर वार्तालाप करना भी शुरू कर दिया है.

क्या ये सारे आरोप विपक्ष चुनाव नतीजे हारने की आशंका के कारण उठा रही है? ये एक महत्वपूर्ण सवाल है. वैसे भी अभी चुनाव नतीजे आने में एक दिन का वक़्त है और इतिहास गवाह है कि एग्जिट पोल्स गलत भी हुए हैं.