रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

विदेशों में पाकिस्तानी मूल के लोग अपने आप को भारतीय क्यों बोलते है?

पश्चिमी देशों को पाकिस्तान के कट्टर होने या भारत में आंतकवादी गतिविधियां आयोजित करवाने का कोई फर्क नहीं पड़ता था पश्चिमी देश अपने आप को सुरक्षित मानते रहे हैं,…

विदेशों में पाकिस्तानी मूल के लोग अपने आप को भारतीय क्यों बोलते है?

पश्चिमी देशों को पाकिस्तान के कट्टर होने या भारत में आंतकवादी गतिविधियां आयोजित करवाने का कोई फर्क नहीं पड़ता था पश्चिमी देश अपने आप को सुरक्षित मानते रहे हैं, अमेरिका ने भी आंतकवादी और कट्टरता को कम आंका और जब 9/11 के हमले हुए तो अमेरिका के साथ पूरे पश्चिमी देशों में मुस्लिम लोगों के लिए दृष्टि बदल गई। और इसका असर पाकिस्तानियों पर भी पड़ा।

विज्ञापन

इसलिए पाकिस्तानी लोग भारत का नाम का उपयोग एवम् ये लोग खुद को भारतीय बताना ठीक समझते हैं।

निम्न कुछ कारण हो सकते हैं जिसके कारण पाकिस्तानी मूल के लोग विदेशों में खुद को भारतीय बताने से नहीं चूकते --

*9 /11 हमले के बाद अपनी जीविका और अच्छे भविष्य के लिए जो मुस्लिम पाकिस्तान से बाहर गए थे उनको ज्यादा शक की निगाह से देखा जाने लगा था। और वैसे भी विदेशों में भी लगातार मुस्लिम isis से जुड़े हुए या हमला करने की कोशिश में पकड़े गए हैं इसलिए भी पाकिस्तानी मूल के लोगों के लिए इतना आसान नहीं होता इन बातों से बचना।

india non fiii
  • इसके विपरित सभी देशों में भारतीयों लोगों को हमेशा मेहनती, बुद्धिमान, सामाजिक और सहनशील समझा जाता रहा है।
  • भारतीयों ने दूसरे देशों में जाकर व्यापार करके वहां की अर्थवयवस्था में योगदान दिया है और देश के कानून व्यवस्था को देखकर ही अपने व्यापार व्यवसाय को आगे बढ़ाया है।
  • शायद ही किसी देश में भारतीयों के विरूद्ध बातें सुनने को मिलती हैं। बस इसीलिए विदेशियों को हम भारतीयों पर विश्वास रहता है।
  • भारतीय भोजन को भी विदेशों में पसंद करने वालों की भी कमी नहीं है।

जो लोग अपने देश में रहते हुए भारत और भारतीयों से नफ़रत करते हैं उन्हीं लोगों को विदेशों में जाकर अपने आपको भारतीय बताने में भी उनको कोई परेशानी नहीं होती ना ही भारत का नाम उपयोग करने में, क्योंकि वो भी अपने देश से बाहर जाकर थोड़ा कमाना चाहते हैं, सुख से रहना चाहते हैं।

india non

चूंकि पाकिस्तान भी भारत का हिस्सा था और वहां के लोग पहले भारतीय ही थे, उनकी शारीरिक पृष्ठभूमि भी भारतीयों के समान है, खानपान भी लगभग एक जैसा ही है, बोलचाल का तरीका भी लगभग एक जैसा ही होता है इसलिए दोनों देश के लोगो में अंतर करना विदेशियों के लिए उतना ही मुश्किल है जितना हम लोगों के लिए चीनी , जापानी या कोरियाई नागरिक में अंतर करना।

पाकिस्तान दुनिया में सबसे ख़राब

1) प्रतिष्ठा वाले देशों की सूची में तीसरे स्थान पर

2 ) धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए सबसे ख़राब देश

3 ) महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश की सूची में छठे स्थान पर

4 ) घरेलू यौन शोषण और गैर-यौन हिंसा की सूची में सातवें स्थान पर

5 ) यौन हिंसा और उत्पीड़न के मामले में पाकिस्तान पांचवें स्थान पर

6 ) एसिड हमलों, महिला जननांग विकृति, बाल विवाह, जबरन शादी, सजा / प्रतिशोध के माध्यम से पत्थरबाजी या शारीरिक शोषण या उत्पीड़न और कन्या भ्रूण हत्या / भ्रूण हत्या की सूची में चौथे स्थान पर

7 ) नौकरी में भेदभाव, आजीविका बनाने में असमर्थता, भेदभावपूर्ण भूमि, संपत्ति या विरासत के अधिकार, शिक्षा तक पहुंच में कमी और पर्याप्त पोषण तक पहुंच का अभाव के मामले में चौथे स्थान पर

8 ) घरेलू दासता, मजबूर श्रम, विवाह और यौन दासता के मामले में दसवें स्थान पर

यह भी पढ़े:क्या पुरुषों की वर्जिनिटी भी की जा सकती है टेस्‍ट?

S

Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →