मंगलवार, 23 जून 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

योगी आदित्यनाथ के पिता कौन थे और उनकी मृत्यु कैसे हुई ?

योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. इनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट था.

योगी आदित्यनाथ के पिता कौन थे और उनकी  मृत्यु कैसे हुई ?

योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. इनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट था. ये भारतीय जनता पार्टी से संबंध रखते हैं तथा एक हिंदूवादी छवि के लिए भी जाने जाते हैं. इनकी राजनीति मुख्य रूप से हिंदू धर्म के आस-पास ही घूमती है. योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना भी की है. जिसे कुछ लोगों द्वारा हिंदू युवाओं का राष्ट्रवादी समूह भी कहा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनके पिता कौन थे तथा उनकी मृत्यु कैसे हुई. इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ के पिता कौन थे उनकी मृत्यु कैसे-

5 जून 1972 को उत्तराखण्ड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश ) के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गाँव के एक गढ़वाली क्षत्रिय परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ. इसके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट था. योगी आदित्यनाथ के पिता फॉरेस्ट रेंजर थे. लीवर और किडनी की समस्या के कारण उनको एम्स में भर्ती कराया गया था. इनके पिता की मृत्यु 20 अप्रैल, 2020 को हुई थी. उस समय योगी आदित्यनाथ उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे.

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योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ के योगी बनने का कारण-

योगी आदित्यनाथ भी मानते हैं कि यह निर्णय लेने वाला क्षण उनके लिए बहुत कठिन था. लेकिन इसके  साथ ही उनका मानना है कि जीवन में कुछ करने के लिए कोई लक्ष्य होना जरूरी होता है. योगी आदित्यनाथ ने अपने कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और इस दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति को राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण के भाव को देखा. जिसके बाद उनके मन में आया कि उनको भी इस क्षेत्र में काम करना चाहिएं.

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योगी आदित्यनाथ के विचार बदलने का सबसे बड़ा कारण-

समाज सेवा के क्षेत्र में काम करने के विचार योगी आदित्यनाथ के मन में चल ही रहे थे. तभी उनकी मुलाकात रामजन्मभूमि मुक्त समिति के अध्यक्ष गोरक्ष पीठाधीश्वर पूज्य महंत विद्यानाथ जी महाराज से हुई. उसी समय राम जन्मभूमि आंदोलन बहुत तीव्रता से आगे बढ़ा रहा था, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ लगा कि उन्हें भी उस मिशन में आगे बढ़ चाहिएं. इसलिए वे गोरखपुर चले गए. उनके सौभाग्य था कि गोरक्ष पीठाधीश्वर ने उनको अपना शिष्य स्वीकार किया. इसके बाद उन्होंने महंत विद्यानाथ जी से संन्यास दीक्षा ली और फिर नाथ योगी के रूप में सबके सामने आए.

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हिंदू धर्म से संबंधित आंदोलन या हिंदू धर्म के हक की बात रखते हुए आमतौर पर योगी आदित्यनाथ को देखा जा सकता है. इन्होंने सन्यासी जीवन धारण कर लिया था. हिंदू धर्म के प्रति प्रेम और भागीदारी के कारण ही योगी आदित्यनाथ को विश्व हिन्दु महासंघ जैसी हिन्दुओं की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था ने अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा भारत इकाई के अध्यक्ष का महत्त्वपूर्ण दायित्व भी दिया था.

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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