बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

दिल्ली को मुर्दों का शहर किसने बनाया

दिल्ली का इतिहास बहुत पुराना रहा है. यह शहर मुख्य रूप से दिल्ली सल्तनत काल के समय सत्ता का केंद्र बना. अनेंक शासकों ने इस क्षेत्र पर राज किया.

दिल्ली को मुर्दों का शहर किसने बनाया

दिल्ली का इतिहास बहुत पुराना रहा है. यह शहर मुख्य रूप से दिल्ली सल्तनत काल के समय सत्ता का केंद्र बना. अनेंक शासकों ने इस क्षेत्र पर राज किया. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब यह शहर मुर्दों के शहर के रूप में तबदील हो गया था.

विज्ञापन
delhi
दिल्ली

आज से कुछ सौ सालों पहले मुगलों की राजधानी रही दिल्ली पर विदेशी आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया. यह आक्रमणकारियों की फौज फारस अर्थात आधुनिक ईरान की थी. उस समय इसका नेतृत्व वहां के बादशाह नादिर शाह कर रहा था. मुगल सेना और नादिरशाह की सेना के बीच यह लड़ाई करनाल में हुई. जिसमें मुगलों की सेना बुरी तरह पराजित हुई. इस लड़ाई में नादिरशाह की जीत हुई. इसके साथ ही नादिरशाह ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया.

दिल्ली को मुर्दों का शहर किसने बनाया
नादिर शाह

इसी समय दिल्ली में एक अफवाह फैल गई कि फारस के आक्रमणकारियों के बादशाह नादिरशाह ने मुगल शहंशाह मुहम्मद शाह की हत्या कर दी. अपने बादशाह की हत्या से नाराज दिल्ली के लोगों ने नादिरशाह की सेना के कई सिपाहियों को मार ड़ाला. इसके साथ दिल्ली में बड़े स्तर पर दंगे भड़क गए.इस बात से नाराज फारस के बादशाह नादिरशाह ने दिल्ली के आम लोगों को मारने का आदेश दे दिया. इसके बाद फारस की सेना ने बड़े स्तर पर आम लोगों का कत्ले आम किया. मरने वालों की संख्या के बारे में विद्वानों में मतभेद है. लेकिन इतिहास में इस घटना को ‘कत्ले आम’ के तौर पर जाना जाता है.

यह भी पढ़ें: धर्म परिवर्तन का क्या इतिहास है और ये कब से शुरू हुआ

फारस, वर्तमान ईरान के शासक नादिरशाह ने भारत पर मार्च,1739 में आक्रमण किया. इसके इस आक्रमण में ब़ड़ी संख्या में आम लोग भी मौत का शिकार हो गए. इतन बड़े स्तर पर कत्ले आम होने के कारण यह कहा जाता है कि नादिरशाह ने मुगलों की राजधानी दिल्ली को मुर्दों का शहर बनाया दिया था. जिसमें चारों तरफ सिर्फ लाश ही लाश दिखाई दे रही थी

विषयदिल्ली
KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →