ऐसा कौन-सा मंदिर है जिसका दीपक नदी के पानी से जलता है?
भारत विश्वभर में अपने खूबसूरत और रहस्य से पूर्ण मंदिरों के लिए काफी प्रचलित है। इन मंदिरो से जोड़ी रहस्यमय कथा को सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा।
भारत विश्वभर में अपने खूबसूरत और रहस्य से पूर्ण मंदिरों के लिए काफी प्रचलित है। इन मंदिरो से जोड़ी रहस्यमय कथा को सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा। आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारें में बताना जा रहे है जो अपने भीतर कई रहस्य समेटा हुआ है। एक ऐसा ही मंदिर मध्यप्रदेश के गड़ियाघाट माताजी को समर्पित है। आपको बताना चाहेंगे की यह भव्य मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर में दीपक जलाने के लिए किसी घी या तेल का इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि पानी से जलता है।

इसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग बड़ी तादाद में आते है। इस मंदिर से जोड़ी यह मान्यता है की यहां देवी मां के सामने सामान्य तेल का दीपक ही जलाया जाता था लेकिन 9 साल पहले एक रात स्वप्न में उन्हें मंदिर की देवी ने दर्शन दिए, माता ने ही उन्हें पानी से दीपक जलाने का आदेश दिया।

जिसके बाद मां के आदेश हुआ। फिर दीये में पानी डालकर जोत जलाई तो जोत प्रज्जवलित हो गई। आप जानकर हैरान हो जाएंगे की पानी से जलने वाला ये दीया बरसात के मौसम में नहीं जलता है क्योंकि बरसात के मौसम में कालीसिंध नदी के पानी का स्तर बढ़ने से यह मंदिर पानी में डूब जाता है, जिससे यहां पूजा करना मुमकिन नहीं होता। इसके बाद शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानी पड़वा से दोबारा ज्योत जला दी जाती है, जो अगले बरसात के मौसम तक लगातार जलती रहती है। यह मंदिर विश्वभर में काफी प्रचलित है। और दूर -दूर से लोग इस भव्य मंदिर के दर्शन करने आते है और देवी माँ की असीम कृपा प्राप्त करते है।



