मंगलवार, 14 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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व्यापमं घोटाला: 11 साल बाद भी CBI जांच पर सवाल, पूर्व विधायक ने मांगी 212 मामलों की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की जांच को 11 साल बीत जाने के बाद भी इसकी प्रगति को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, घोटाले के व्हिसल ब्लोअर और पूर्व विधायक पारस

व्यापमं घोटाला: 11 साल बाद भी CBI जांच पर सवाल, पूर्व विधायक ने मांगी 212 मामलों की रिपोर्ट
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की जांच को 11 साल बीत जाने के बाद भी इसकी प्रगति को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, घोटाले के व्हिसल ब्लोअर और पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने जांच की गति और पारदर्शिता पर चिंता व्यक्त की है।

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एक बयान में सकलेचा ने याद दिलाया कि 9 जुलाई, 2015 को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर व्यापमं से जुड़े 212 आपराधिक मामले सीबीआई को सौंपे गए थे। इन मामलों में कुल 4,076 लोग आरोपी थे। ये प्रकरण वर्ष 2005 से 2013 के बीच आयोजित 33 विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित थे, जिनमें लगभग 41.78 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे और परीक्षा शुल्क के रूप में व्यापमं को 128.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

जांच और नतीजों पर सवाल

पारस सकलेचा के मुताबिक, यह घोटाला देश के सबसे चर्चित परीक्षा घोटालों में से एक था और सरकार ने तब आश्वासन दिया था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो। उन्होंने कहा कि जांच सीबीआई को सौंपे जाने के लगभग 11 साल बाद भी कई मामलों में जांच पूरी नहीं हुई है।

सकलेचा ने इस बात पर भी चिंता जताई कि जिन मामलों में अदालतों के फैसले आ चुके हैं, उनमें सजा पाने वाले आरोपियों की संख्या कुल आरोपियों की तुलना में बहुत कम है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन मामलों में आरोपी बरी हो गए, उनमें सीबीआई ने उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में अपील करने के अपने दायित्व का पालन नहीं किया।

पारदर्शिता की मांग

व्हिसल ब्लोअर ने कहा कि सीबीआई ने आज तक यह सार्वजनिक नहीं किया है कि 212 मामलों में से कितने की जांच पूरी हुई, कितनों में चार्जशीट दाखिल की गई, कितने मामले अदालतों में लंबित हैं और कितनों में फैसला आया है। उन्होंने मांग की, "इतने बड़े सार्वजनिक महत्व के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। सीबीआई को व्यापम घोटाले के सभी 212 प्रकरणों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर देश और प्रदेश की जनता को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना चाहिए।"

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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